Xiaomi Mi 4i Review in Hindi, शाओमी मी 4आई का रिव्यू

अपना पहला मोबाइल लॉन्च करने के मात्र 9 महीने के अंदर Xiaomi ने भारतीय मार्केट में अपनी एक अलग पहचान बना ली है। Xiaomi Mi 3 के जरिए कंपनी ने Samsung, Sony और HTC जैसी कंपनियों के एंड्रॉयड प्लेटफॉर्म पर बने हाई एंड स्मार्टफोन को पछाड़ा, वो भी इन ब्रांड्स से तीगुनी कम कीमत लेकर। फिर Xiaomi Redmi 1S के जरिए कम बजट यानी 6000 रुपये के रेंज में कस्टमर्स को लुभाया।

Xiaomi का ये फॉर्मूला भारतीय कस्टमर को मन को भा गया। आज की तारीख में यह ब्रांड भारत का पांचवा सबसे बड़ा स्मार्टफोन वेंडर है और भारत इस कंपनी के लिए सबसे बड़ा विदेशी मार्केट।

कंपनी ने अपने लेटेस्ट प्रोडक्ट Xiaomi Mi 4i की कीमत 12,999 रुपये रखी है। जहां तक दाम का सवाल है तो यह Mi 3 के रेंज के आसपास है। लेकिन क्या इस स्मार्टफोन में वो सबकुछ है जो आने वाले समय में मार्केट में Xiaomi की सुपरहिट मोबाइल पेश करने की छवि को बरकरार रखेगा। आइए जानते हैं।

डिजाइन और डिस्प्ले
Xiaomi Mi 4i का युनिबॉडी डिजाइन इस स्मार्टफोन को सॉलिड लुक देता है। यह अच्छी क्वालिटी के पॉलीकार्बोनेट से बना हुआ है जो इस प्राइस रेंज के फोन में कभी-कभार ही दिखता है। पहली नजर में Mi 4i बहुत हद तक iPhone 5c जैसा नजर आता है, खासकर मल्टी कलर ऑप्शन के कारण तो ऐसा ही प्रतीत होता है। वैसे दिखने और फील में Mi 4i कई हाई-एंड Lumia डिवाइस की तरह है।

आने वाले समय में Mi 4i कई रंगों में उपलब्ध रहेगा, लेकिन लॉन्च के वक्त यह फोन सफेद रंग (16 जीबी) में उपलब्ध रहेगा। सफेद रंग को लेकर कई कस्टमर्स में निराशा हो सकती है क्योंकि भारतीय परिवेश में इसके गंदे हो जाने की संभावना ज्यादा रहती है।

बटन और पोर्ट्स के ले आउट के मामले में Xiaomi Mi 4i ने स्टेडंर्ड फॉर्मेट को अपनाया है। पावर बटन दाहिने किनारे पर है और इसके ठीक नीचे वॉल्यूम बटन। 3.5mm का ऑडियो जैक फोन के टॉप पर है और माइक्रो यूएसबी पोर्ट नीचले हिस्से पर। नॉय्ज कैंसलिंग माइक्रोफोन फोन के पिछले हिस्से पर बने हुए हैं। इसी हिस्से में रियर कैमरा भी है जिसके साथ डुअल टोन एलईडी फ्लैश भी हैं। डुअल माइक्रो-सिम ट्रे फोन की बायीं तरफ है।

Mi 4i में 5 इंच (सही मायने में 4.95 इंच) का फुल एचडी स्क्रीन है, पर फोन को पकड़ने इसके बहुत ज्यादा बड़ा होने का एहसास नहीं होता। या तो हम बड़े स्मोर्टफोन के आदी हो चुके हैं या फिर Mi 4i का डिस्प्ले टू बॉडी अनुपात इतना बेहतरीन है कि हाथों में यह अटपटा सा नहीं लगता। कंपनी का दावा है कि उसने स्क्रीन के लिए Corning ब्रांड से मदद ली है और स्मार्टफोन में लगा स्क्रीन Gorilla Glass 3 के जैसा प्रोटेक्शन देता है।

कलर रिप्रोडक्शन और व्यूइंग एंगल बेहतरीन हैं। डिस्प्ले इतना ब्राइट है कि सनलाइट में टेक्स्ट और ऑन स्क्रीन एलिमेंट को देखने में दिक्कत नहीं होती। Xiaomi ने बताया है कि Mi 4i में सनलाइट डिस्प्ले है।  

दरअसल, सनलाइट डिस्प्ले का काम यह है कि आप जब भी आउटडोर हों तो यह किसी फोटो के धुंधले हिस्से को ज्यादा ब्राइट करने का काम करे ताकि आप सारे डिटेल अच्छे से देख सकें। वैसे कंपनी इस फंक्शन को थोड़ा बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रही है, खुली आंखों से स्क्रीन पर हो रहे बदलाव को आप नहीं भांप पाएंगे। वैसे ये भी एक तरह से तारीफ ही है। Xiaomi का यह भी कहना है कि सनलाइट डिस्प्ले से फोन की बैटरी पर बहुत कम असर पड़ता है।

फोन इस्तेमाल करने के बाद यह जरूर कहा जा सकता है कि इस रेंज में Xiaomi Mi 4i का डिस्प्ले सबसे बेहतरीन है और शायद यह इस प्रोडक्ट की सबसे खासियत भी।

सॉफ्टवेयर और परफॉर्मेंस
Xiaomi Mi 4i में एंड्रॉयड 5.0.2. के साथ लेटेस्ट MIUI 6 फर्मवेयर है। समस्या यह है कि MIUI बहुत ज्यादा RAM का इस्तेमाल करता है। अच्छी बात यह है कि Mi 4i में 2जीबी का रैम है, जिसमें आधे से थोड़े कम एल्पिकेशन्स के लिए उपलब्ध हैं। फोन में सबसे बाएं में बने बटन के जरिए आप रिसेंट एप्स देख सकते हैं और स्क्रीन पर यह भी जानकारी आती रहती है कि कितना RAM उस वक्त ऐप्स के लिए उपलब्ध है। स्क्रीन पर (‘X’) के साइन से एक बटन दिखता है जो आपको ऐप्स बंद करने की सुविधा देता है। वैसे Mi 4i पर एक साथ कई ऐप्स को तुरंत खोलने और बंद करने में ज्यादा समस्या का सामना नहीं करना पड़ता। ऐसे में आपको (‘X’) की ज्यादा जरूरत नहीं पड़ेगी और इसके इस्तेमाल से बचना भी चाहिए।

हमारा मानना है कि मैमॉरी मैनेजमेंट को ऑपरेटिंग सिस्टम पर ही छोड़ देना चाहिए। क्योंकि बिना मतलब बार-बार ऐप्स को बंद करने से आपका फोन धीमा पड़ सकता है, खासकर तब जब आप उस ऐप को फिर से इस्तेमाल में लाना चाहते हैं।

आप रिसेन्ट ऐप व्यू में जाकर ऐप आइकॉन को नीचे स्लाइड करके उसे लॉक भी कर सकते हैं। यानी यह ऐप तभी भी बंद नहीं होगा जब आप X बटन का इस्तेमाल करेंगे। और यह एक्शन फोन को रीबूट करने के बाद भी बरकरार रहेगा।

हालांकि, MIUI में कुछ कमियां भी हैं। कई एनिमेशन्स के कारण फोन को रिस्पॉन्स करने में ज्यादा वक्त लगता है। सेटिंग्स ऐप को यूज करने के लिए आपको बार-बार इसके होम पेज से शुरुआत करनी होगी। यानी यह ऐप आपके पिछले विजिट के एक्शन और पोजीशन को भूल जाता है। कुछ थर्ड-पार्टी ऐप Xiaomi डिवाइसेज पर बार-बार बंद हो जाते हैं, दूसरे ब्रांड के फोन में भी यह कमी है। लेकिन दूसरों की तुलना में इस फोन पर ऐसा ज्यादा हुआ।

एक मौका ऐसा भी आया जब फोन 3G नेटवर्क पर डेटा सेंड और रिसीव एक्शन को पूरा नहीं कर पा रहा था। फोन को दो बार रिस्टार्ट करने पर भी बात नहीं बनी। लेकिन तीसरी बार 3जी डेटा ऑप्शन बंद करने और उसे फिर से शुरू करने के बाद यह प्रोब्लम ठीक हो गई। कई और मौकों पर ई-मेल ऐप को टच इनपुट पर रिस्पॉन्ड करने में दिक्कत आई। पहले हमें लगा कि शायद कमी टचस्क्रीन से संबंधित है, लेकिन रिसर्च के बाद पाया कि यह समस्या सिर्फ मेल ऐप में आ रही थी जो बेहद ही निराशाजनक था।

Xiaomi ने प्रोडक्ट लॉन्च करते वक्त विजुअल IVR स्पेसिफिकेशन की भी जानकारी दी थी। दरअसल, कंपनी यूजर्स के डेटा का अध्ययन करके भारतीय रेलवे, वोडाफोन और क्लियरट्रिप जैसी कंपनियों के इस्तेमाल में किए जाने वाले IVR नंबर का मेन्यू तैयार करेगी। मतलब अगली बार जब आप भारतीय रेलवे में फोन करते हैं तो स्क्रीन पर पहले से ही 1 फॉर इंग्लिश और 2 फॉर हिंदी का मैसेज आ जाएगा। यानी आपको अपना च्वाइस बताने के लिए पूरे मैसेज को नहीं सुनना नहीं पड़ेगा। आप सिर्फ स्क्रीन पर टैप करके ऑप्शन चुन सकते हैं। हम इस फीचर का बेहद उत्सुकता से इंतजार कर रहे थे पर यह अभी टेस्टिंग स्टेज में है जो आने वाले समय में सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए पहले Mi 4i और उसके बाद Xiaomi के अन्य फोन पर आएगा। आपको बता दें कि यह कोई ऐप नहीं है, Xiaomi ने इसके लिए किसी कंपनी से पार्टनरशिप नहीं की है बल्कि यूजर बिहेवियर के जरिए आपको यह सुविधा देने की तैयारी है।

फोन के परफॉर्मेंस में ज्यादा कोई कमी नहीं नजर आई। सिंथेटिक बेंचमार्क्स में Mi 4i ने Mi 3 के अलावा Mi 4 से भी बेहतर परफॉर्म किया, जो थोड़ा चौंकाने वाला था। गेम्स खेलते वक्त और बैटरी लूप टेस्ट के दौरान स्मार्टफोन थोड़ा गर्म जरूर हुआ, पर स्थिति चिंताजनक नहीं थी।

Mi 4i में 16 जीबी का इंटरनल स्टोरेज है, जिसमें से 10.68 जीबी एप्लिकेशन्स और यूजर डेटा के लिए उपलब्ध है। बस निराशा की बात यह है कि इस फोन में माइक्रो एसडी कार्ड के लिए स्लॉट नहीं है। वैसे 64 जीबी वाले वेरियंट के जल्द ही लॉन्च किए जाने की चर्चा है, हालांकि ये कब होगा इसकी कोई आधिकारिक जानकारी फिलहाल उपलब्ध नहीं है। Mi 4i में USB OTG के लिए सपोर्ट उपलब्ध है, इसका मतलब यह है कि किसी भी USB ड्राइव और अन्य डिवाइस को माइक्रो यूएसबी पोर्ट के जरिए फोन से कनेक्ट कर सकते हैं।

Xiaomi का दावा है कि MIUI पर 6 भारतीय भाषाओं के सपोर्ट उपलब्ध है। हिंदी, तमिल, तेलुगू, मलयालम, कन्नड़ और बंगाली का इस्तेमाल करने वाले कस्टमर्स के लिए यह अच्छी खबर है। वैसे हमनें सेटिंग्स मेन्यू में मराठी का भी ऑप्शन देखा।

हमें Xiaomi Mi 4i से फोन कॉल के दौरान कोई समस्या नहीं आई, फोन दोनों सिम कार्ड पर 4जी सपोर्ट करता है, हालांकि हमारे इलाके में 4जी नेटवर्क नहीं होने के कारण इसकी टेस्टिंग नहीं हो सकी। लाउडस्पीकर की परफॉर्मेंस अच्छी थी, चाहे कॉल की बात हो, फिल्म देखनी की या फिर गाना सुनने।

कैमरा और बैटरी लाइफ
Xiaomi Mi 4i में 13 मेगापिक्सल का रियर कैमरा है जो अच्छी लाइट में बेहतर फोटो खींचता है। जबकि मीडियम या फिर कम लाइट वाले स्थिति में फोटो की क्वालिटी में वो दम नहीं नजर आता। HDR मोड में परफॉर्मेंस अच्छी है।

डुअल-टोन LED फ्लैश अच्छा काम करता है, फोटो खींचते वक्त सब्जेक्ट के हर एरिया में लाइट देता है। रियर कैमरे द्वारा शूट किया गया वीडियो औसत से बेहतर है. हालांकि, कलर रिप्रोडक्शन के मामले में कमी इस फीचर में भी बरकरार है। इन-बिल्ट माइक ऑडियो रिकॉर्डिंग में अच्छा काम करता है।

फ्रंट कैमरा या सेल्फी कैमरे की भी कहानी वैसी है, जब लाइट अच्छी होती है तो फोटो क्वालिटी बेहतरीन हैं। पर कम लाइट में ज्यादा मौकों पर रिजल्ट खराब रहा। Mi 4i में एक ब्यूटिफिकेशन फीचर है जिसके जरिए आप अपनी तस्वीर को और खूबसूरत बना सकते हैं। यानी मुंहासे हैं और चेहरे पर दाग है,  इस एप्प के जरिए सब गायब हो जाएगा। अगर आपको नेचुरल फोटो पर विश्वास है तो यह फीचर बंद भी कर सकते हैं।

Xiaomi Mi 4i में 3000mAh की बैटरी है और कंपनी का दावा है कि इसे कम से डेढ़ दिन के इस्तेमाल के लिए बनाया गया है। हालांकि, फोन के इस्तेमाल करने पर हमने पाया कि यह एक दिन तो अच्छे से चला पर अगले दिन सुबह तक बैटरी में बहुत कम लाइफ बची थी। यह परफॉर्मेंस साधारण से लेकर हेवी यूज के दौरान मिली। फोन पर दो पूश ई मेल अकाउंट एक्टिव थे। इस दौरान कुछ देर के लिए सोशल मीडिया का भी इस्तेमाल किया गया। 20 मिनट की फोन कॉलिंग और कुछ मिनट की गेमिंग। डिस्प्ले को ऑटो ब्राइटनेस पर रखा हुआ था और फोन पूरे दिन 3जी डेटा कनेक्शन से जुड़ा। इसके अलावा हमने अपने फोन को Mi Band से ब्लूटूथ के जरिए पेयर भी कर रखा था।

Snapdragon 615 वाले स्मार्टफोन्स के बैटरी रिजल्ट खराब रहे हैं। इसे देखते हुए Xiaomi ने ज्यादा बड़ी बैटरी देकर अच्छा काम किया है और इसके परफॉर्मेंस रिजल्ट को अच्छा ही मानना होगा।

हमारा फैसला
Mi 4i के जरिए Xiaomi ने एक बार फिर बाजी मारी है। इस फोन की कीमत Snapdragon 615 जैसे पावरफुल प्लेटफॉर्म पर बने स्मार्टफोन से लगभग आधी है, लेकिन परफॉर्मेंस के मामले में Mi 4i ने हर डिपार्टमेंट में अच्छा रिजल्ट दिया। इस प्राइस रेंज में Mi 4i को बेहतरीन स्क्रीन और अच्छी बिल्ड क्वालिटी के लिए दाद मिलनी चाहिए।

वहीं दूसरी तरफ MIUI में कुछ कमियां भी हैं। कैमरा की परफॉर्मेंस बेहतर हो सकती थी। अगर आप की नजर स्टेंडर्ड एंड्रॉयड यूआई, एक्सपेंडेबल मैमोरी पर है, और कैमरे से समझौते को तैयार हैं तो Moto G (Gen 2) पर भरोसा जताएं। बाकी लोग Xiaomi Mi 4i के अगले फ्लैश सेल के लिए खुद को रजिस्टर करें।


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