Oppo F1s Review in Hindi, ओप्पो एफ1एस का रिव्यू

ओप्पो ने इस साल की शुरुआत में भारत में पहली बार अपनी कैमरा फोकस एफ सीरीज भारत में पेश की थी। इस सीराज का पहला स्मार्टफोन ओप्पो एफ1 (रिव्यू) था। इसके तुरंत बाद कंपनी ने ज्यादा प्रीमियम स्पेसिफिकेशन वाला फोन एफ1 प्लस लॉन्च किया। ओप्पो अपनी इस नई सीरीज की मार्केटिंग खासकर ऑफलाइन रिटेल चैनल में काफी बेहतर तरीके से कर रही है।

ओप्पो एफ1 को लॉन्च हुए छह महीने से ज्यादा हो चुके हैं। और कंपनी को डिज़ाइन और फीचर में टक्कर देने के लिए ओप्पो एफ1एस जैसे एक अपग्रेडेड फोन को पेश करने की खासी जरूरत थी। हालांकि, पिछले स्मार्टफोन की तरह ही इस फोन में भी फ्रंट कैमरे पर फोकस किया गया है। आज हम इस स्मार्टफोन के रिव्यू में जानेंगे इस स्मार्टफोन की सारी खूबियां और कमियां।

डिज़ाइन और लुक
एफ1एस और एफ1 प्लस को अगर साथ में रख दें तो इनमें फर्क करना बेहद मुश्किल होगा क्योंकि दोनों ही फोन बहुत हद तक एक जैसे दिखते हैं। एफ1एस को हाथ में पकड़ने पर डिस्प्ले के कर्व्ड एज अच्छा अहसास देते हैं और इसके स्लिम बेज़ेल इसे एक स्टायलिश स्मार्टफोन बनाते हैं। फोन में पहले से एक स्क्रीन गार्ड इंस्टॉल आता है जिस पर काफी जल्दी स्क्रैच पड़ जाते हैं। हमें लगता है कि सुरक्षा के लिए गोरिल्ला ग्लास 4 देकर इसे हटाया जा सकता था।

ओप्पो एफ1एस में दिए गए 5.5 इंच आईपीएस डिस्प्ले से काफी रिच कलर प्रोड्यूस होते हैं। और अधिकतम ब्राइटनेस लेवल पर स्क्रीन ओप्पो एफ1 से कहीं ज्यादा बेहतर है। सीधे सूरज की रोशनी मे भी हमें डिस्प्ले के साथ कोई परेशानी देखने को नहीं मिली। हालांकि डिस्प्ले पैनल अच्छा है लेकिन हम एचडी रिज़ॉल्यूशन से खुश नहीं है जो कि इस स्क्रीन साइज़ के लिए काफी कम है।
 

एफ1एस में एक फिंगरप्रिंट सेंसर दिया गया है जबकि एफ1 में यह मौज़ूद नहीं था। फिंगरप्रिंट सेंसर एफ1एस में काफी अच्छे से काम करता है। एफ1 प्लस की तरह ही स्क्रीन तुरंत अनलॉक हो जाता है। सेंसर के दोनों तरफ दो बैकलिट कैपेसिटिव बटन हैं। ओप्पो ने टॉप पर एक नोटिफिकेशन एलईडी भी दी है। मेटल बॉडी से बना यह स्मार्टफोन देखने में काफी अच्छा दिखता है और ग्लॉसी गोल्ड ट्रिम से यह डिवाइस काफी प्रीमियम दिखता है।

बटन को एरगोनोमिक तरीके से प्लेस किया गया है हालांकि अगर वॉल्यूम बटन के बीच थोड़ी ज्यादा जगह होती तो उन्हें पहचानना ज्यादा आसान होता। माइक्रो-यूएसबी पोर्ट और मोनो स्पीकर के साथ हेडफोन शॉकेट नीचे की तरफ दिया गया है। लेकिन बेहतर होता कि हेडफोन शॉकेट ऊपर की तरफ होता क्योंकि टाइप करने पर केबल बीच में आड़े आती है।
 

रियर पर एलईडी फ्लैश के साथ एक 13 मेगापिक्सल का कैमरा दिया गया है। बैटरी नॉन-रिमूवेबल है। दायीं तरफ दी गई सिम ट्रे डुअल सिम सपोर्ट करती है। दो नैनो-सिम स्लॉट के अलावा 128 जीबी तक के माइक्रोएसडी कार्ड के लिए एक अलग कार्ड स्लॉट दिया गया है।

ओप्पो एफ1एस के साथ बॉक्स में एक 10 वाट का चार्जर, डेटा केबल, सिलिकॉन केस, एक सिम इजेक्टर टूल, हेडसेट और कुछ मैनुअल इंस्ट्रक्शन मिलेंगे। कुल मिलाकर, एफ1एस एक जरूरतमंद अपग्रेडेड फोन है जो दूसरे स्मार्टफोन को अब कड़ी टक्कर दे सकता है। सटीक और तेज फिंगरप्रिंट सेंसर और अलग माइक्रोएसडी कार्ड फोन में एक बोनस की तरह ही हैं। 7.3 एमएम मोटाई वाला यह फोन 160 ग्राम भारी है।
 

स्पेसिफिकेशन और फीचर
ओप्पो ने इस स्मार्टफोन में 15 गीगाहर्ट्ज़ मीडियाटेक एमटी6750 ऑक्टा-कोर प्रोसेसर दिया है जिसमें आठ एआरएम क़ॉर्टेक्स-ए53 कोर हैं। यह मीडियाटेक का इसी साल लॉन्च हुआ एंट्रीलेवल चिप है जिसमें एलटीई इंटीग्रेटेड है।

इसके अलावा एफ1एस में 3 जीबी रैम, 32 जीबी स्टोरेज, डुअल बैंड वाई-फाई बी/जी/एन, ब्लूटूथ 4.0, यूएसबी ओटीजी, जीपीएस और एफएम रेडियो है। ओप्पो ने फोन में एनएफसी या वाई-फाई एसी नहीं दिया है। एफ1एस भारतीय बैंड पर 4जी एलटीई के साथ वीओएलटीई सपोर्ट करता है।
 

एफ1 प्लस की तरह ही ओप्पो एफ1एस कलर ओएस 3.0 पर चलता है जो थोड़ा एंड्रॉयड और थोड़ा आईओएस की तरह दिखता है। लेकिन कंपनी द्वारा फोन में एंड्रॉयड लॉलीपॉप का देना हमें अच्छा नहीं लगा क्योंकि अब यह दो जेनरेशऩ पुराना हो गया है। हो सकता है कि हमें बाद में फोन में मार्शमैलो अपडेट देखने को मिले लेकिन लॉन्च के समय ही लेटेस्ट वर्जन का  होना हमेशा अच्छा होता है।

हमने सॉफ्टवेयर में कुछ कमियां देखने को मिलीं जिन्हें यहां बताने की जरूरत है। कुछ थर्ड पार्टी ऐप जैसे टेलीग्राम से मिलने वाली नोटिफिकेशन आपको नोटिफिकेशन शेड में तो दिखाएंगी लेकिन आप उन्हें वहां से देख नहीं पाएंगे। इसके अलावा इंटरफेस खासा स्मूथ है और अधिकतर समय बिना किसी परेशानी के चलता है।
 

ओप्पो ने सेटिंग ऐप में कुछ बदलाव किए हैं। डिस्प्ले के सबमेन्यू में एक ब्लू लाइट फिल्टर है। लॉकस्क्रीन मैगज़ीन से फोन को हर बार अनलॉक करने पर लॉक-स्क्रीन वॉलपेपर बदला जा सकता है। इसके अलावा फोन में वन-हैंडेड मोड जैसे गेस्चर भी मौज़ूद है। हालांकि, हमारे कोशिश करने पर इस फीचर ने हमारा साथ नहीं दिया।

फोन में गूगल कई ऐप के साथ थीम स्टोर, किंगसॉफ्ट ऑफिस, सिक्योरिटी सेंटर, फाइल मैनेजर और एक वीडियो प्लेयर पहले से इंस्टॉल हैं। ओ-क्लाउड से आप ओप्पो की क्लाउड सर्विस पर अपने एसएमएस और कॉन्टेक्ट का बैकअप बना सकते हैं।

परफॉर्मेंस
ओप्पो एफ1एस एक बेहद अच्छा स्मार्टफोन है और करीब एक हफ्ते तक इसे इस्तेमाल करने के दौरान हमें कोई बड़ी समस्या देखने को नहीं मिली। हमने फोन पर हर काम को आसानी से कर सके। इनमें 3डी गेम्स भी शामिल हैं और गेम खेलते समय यह बहुत ज्यादा गर्म भी नहीं होता है। हालांकि, कभी-कभी स्मार्टफोन थोड़ा बहुत गर्म होता है लेकिन इतना नहीं कि इसे चलाने में समस्या हो। फोन में 4जी नेटवर्क पर कोई परेशानी नहीं होती है और शोर-शराबे में भी ईयररपीस से काफी अच्छी आवाज आती है। फोन में सिर्फ टचपस कीबोर्ड इंस्टॉल आता है जो अच्छी तरह से काम करता है।
 

फोन में एचडी मीडिया फाइल अच्छे से चलती हैं। ओप्पो ने स्पीकर और हेडफोन के लिए अपना डायरैक सॉफ्टवेयर एनहेंसमेंट दिया है जो लो फ्रीक्वेंसी होने पर काफी अच्छे से काम करता है।

इस स्मार्टफोन को खरीदने के लिए एक बेहद आसान वजह है इसकी कैमरा परफॉर्मेंस। सबसे पहले बात फ्रंट कैमरे की जो इस फोन का सबसे खास फ़ीचर भी है। इस फोन में अपर्चर एफ/2.0 के साथ 16 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा है जिससे काफी अच्छी क्वालिटी की तस्वीरें डिटेलिंग के साथ आती हैं। ब्यूटीफाई 4.0 सॉफ्टवेयर से आप किसी तरह के ‘दाग-धब्बों’ से छुटकारा पा सकते हैं।
 

पिछले एफ-सीरीज स्मार्टफोन की तरह ही, आप सिर्फ हथेली या वॉयस कमांड के इस्तेमाल से ही सेल्फी ले सकते हैं। ब्राइटर डिस्प्ले के चलते स्क्रीन फ्लैश खासा प्रभाव डालता है। हालांकि, यह अभी भी थोड़ा कमजोर है। फ्रंट कैमरे से 1080 पिक्सल तक वीडियो रिकॉर्ड की जा सकती है और इसमें कुछ दूसरे शूटिंग मोड जैसे जिफ़, फिल्टर और डबल एक्सपोज़र भी दिए गए हैं।
 

                          

13 मेगापिक्सल के रियर कैमरे में भी ये सब शूटिंग मोड मौज़ूद हैं। इसके अलावा रियर कैमरे में एक एक्सपर्ट मोड भी दिया गया है। इसके लिए आपको एक सेकेंड से 16 सेकेंड के बीच चुनना होता है। लैंडस्केप और मैक्रो शॉट की इमेज क्वालिटी काफी अच्छी होती है। रियर कैमरा फेज़ डिटेक्शन ऑटोफोकस (पीडीएएफ) के साथ आता है जिससे सब्जेक्ट को काफी अच्छे से लॉक किया जा सकता है। कैमरे ऐप का सादा इंटरफेस हमें खूब पसंद आया और एक विकल्प से दूसरे पर स्विच करना भी बेहद आसान है।

बैटरी लाइफ
बात करें बैटरी लाइफ की तो हमें ओप्पो एफ1एस में दी गई 3075 एमएएच की बैटरी से वीडियो लूप टेस्ट में 10 घंटे 11 मिनट तक साथ मिला। वहीं सामान्य इस्तेमाल के दौरान इसकी बैटरी एक दिन से थो़ड़ा ज्यादा चलती है। हालांकि, एफ1एस में पिछले फोन की तरह वीओओसी फास्ट चार्जिंग टेक्नोलॉजी नहीं है। और 10 वाट के चार्जर के साथ फोन के पूरी तरह चार्ज होने में काफी समय लगता है।
 

हमारा फैसला
ओप्पो ने एफ1एस के रूप में एक और अच्छा प्रोडक्ट पेश किया है। लेकिन हमें लगता है कि कंपनी कुछ छोटी-छोटी चीजों पर ज्यादा ध्यान देकर इसे ज्यादा बेहतर स्मार्टफोन बना सकती थी। हम बात कर रहे हैं फास्ट चार्जिंग, वाई-फाई एसी और एनएफसी की जो शायद बहुत ज्यादा जरूरी नहीं हैं लेकिन इस कीमत में आने वाले स्मार्टफोन से हमें इन फीचर की उम्मीद होती है।

एफ1एस एक आकर्षक फोन है जिसकी अपनी ही खूबियां हैं। इसका क्लासी डिज़ाइन, लुक और बनावट बेहद अच्छी है व इसमें कुछ नए फीचर भी गैं। फोन का डिस्प्ले अच्छा है और कैमरों का भी अच्छा होने का दावा किया गया है।

फोन की सबसे बड़ी समस्या है इसकी कीमत। एफ1 स्मार्टफोन की अब बाजार में कोई जगह नहीं है इसलिए बेहतर होता कि कंपनी एफ1एस को एफ1 के दाम में ही लॉन्च करती। लेकिन 17,990 रुपये में इसका सफल होना बेहद मुश्किल है क्योंकि बाजार में 15,000 रुपये से कम कीमत में इससे दमदार और अच्छे फीचर वाले स्मार्टफोन पहले से उपलब्ध हैं।


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