Nokia 8.1 Review in Hindi, नोकिया 8.1 का रिव्यू

Nokia 8.1 Review in Hindi, नोकिया 8.1 का रिव्यू

HMD Global के फोन के नाम में नंबर और दशमलव के इस्तेमाल पहले से ही कंफ्यूज करने वाला था। अब Nokia 8.1 के साथ स्थिति और भी मुश्किल हो गई है। नाम से तो ऐसा प्रतीत होता है कि इसे Nokia 8 या Nokia 8 Sirocco से ज़्यादा प्रीमियम होना चाहिए। लेकिन नया Nokia 8.1 हैंडसेट उन लोगों के लिए प्रीमियम मॉडल है जो ज़्यादा पैसे नहीं खर्चना चाहते। आज की तारीख कंपनियों के बीच मार्केट में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए बेहद ही रोचक रेस चल रही है। इसलिए आपको 20,000 रुपये के प्राइस रेंज में कई ऐसे फोन मिल जाएंगे, जिनकी उम्मीद एक साल पहले बिल्कुल नहीं थी।

हालांकि, प्रीमियम फोन की भी कीमत कम होती जा रही है। हमारे पास Poco F1, Asus ZenFone 5Z और तीन रियर कैमरे वाला Samsung Galaxy A7 जैसे फोन हैं, जो 30,000 रुपये के प्राइस रेंज में फ्लैगशिप ग्रेड फीचर के साथ आते हैं। क्या एचएमडी ग्लोबल का इस प्राइस रेंज में नया Nokia 8.1 हैंडसेट लाने का फैसला बिल्कुल सही है? आइए जानते हैं…
 

Nokia 8.1 डिज़ाइन

Nokia 8.1 बड़ा और वज़नदार होने का एहसास देता है। ऐसा एचएमडी ग्लोबल की स्टाइलिंग व इस फोन को बनाने में इस्तेमाल किए गए मेटेरियल के कारण हुआ है। Nokia 8.1 की बॉडी सॉलिड एल्यूमीनियम की बनी है। फ्रंट और बैकपैनल पर ग्लास है। आपके पास रंगों के दो विकल्प हैं- ब्लू/ सिल्वर और आइरन/ स्टील। हमें आइरन वेरिएंट रिव्यू के लिए मिला था। किनारों पर पॉलिश्ड स्टील का इस्तेमाल हुआ है।
फोन की बिल्ड क्वालिटी बेहतरीन है। हर हिस्सा मजबूती का एहसास देता है। बॉडी थोड़ा सा भी ट्विस्ट या फ्लैक्स नहीं होती। आगे की तरफ इस्तेमाल किया गया ग्लास कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास की प्रोटेक्शन के साथ आता है, लेकिन वर्ज़न के बारे में जानकारी नहीं उपलब्ध है। एचएमडी ग्लोबल ने रियर पैनल के ग्लास के बारे में भी कुछ नहीं बताया है। वाटर और डस्ट रेसिस्टेंस होता तो अच्छा था।

डिस्प्ले नॉच काफी वाइड है। लेकिन इसमें सिर्फ ईयरपीस, फ्रंट कैमरे और प्रॉक्सिमिटी सेंसर को जगह मिली है। चिन भी बहुत ज़्यादा चौड़ा नहीं है। पिछले हिस्से पर कैमरा मॉड्यूल उभार वाला है। पिछले हिस्से के बल फोन को रखने पर कैमरा बंप बीच में आ जाता है। ग्लास वाला हिस्सा सर्फेस को बिल्कुल नहीं छूता है। इस वजह से फोन स्लाइड भी नहीं होता है।

भले ही इसकी मोटाई ज़्यादा है, लेकिन Nokia 8.1 को ग्रिप करना आसान है। हम कई बार इसे एक हाथ से इस्तेमाल करने में सफल रहे, वो भी गिरने या हाथों से फिसलने की चिंता किए बिना।
 

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Nokia 8.1 स्पेसिफिकेशन और सॉफ्टवेयर

नोकिया 8.1 के बारे में सबसे रोचक बात यह है कि इसे Nokia 8 या Nokia 8 Sirocco के अपग्रेड के तौर पर नहीं पेश किया गया है। ये दोनों ही फ्लैगशिप डिवाइस थे और ये स्नैपड्रैगन 835 प्रोसेसर से लैस थे। इसकी जगह हम स्नैपड्रैगन 710 पर चलने वाला पहला फोन इस्तेमाल कर रहे हैं। जो प्रीमियम तो है, लेकिन सबसे पावरफुल नहीं।

नया प्रोसेसर अलग एआई सबसिस्टम, कई हाई रिजॉल्यूशन कैमरे, मॉडर्न एलटीई मॉडम जैसे हाइ-एंड स्मार्टफोन फीचर को सपोर्ट करता है। एड्रेनो 616 जीपीयू के बारे में कंसोल जैसी गेमिंग क्वालिटी देने का दावा है।

इस फोन की एक और खासियत है एचडीआर10 क्षमता वाली स्क्रीन। स्क्रीन 6.18 इंच की है और आस्पेक्ट रेशियो 18.7:9। इस वजह से रिजॉल्यूशन 1080×2246 पिक्सल है। बैटरी 3500 एमएएच की है और यह 18 वॉट की फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। आपको रिटेल बॉक्स में 18 वॉट का चार्जर मिलेगा। लेकिन एचएमडी ग्लोबल ने क्वालकॉम क्विक चार्ज नाम का इस्तेमाल नहीं किया है।

Nokia 8.1 का सिर्फ एक वेरिएंट है- 4 जीबी रैम के साथ 64 जीबी स्टोरेज। यह थोड़ा चुभता है, क्योंकि इस प्राइस रेंज में अब 128 जीबी स्टोरेज मिलने लगी है। अगर आप माइक्रोएसडी कार्ड इस्तेमाल करना चाहते हैं तो दूसरे सिम कार्ड से समझौता करना पड़ेगा। क्योंकि इसमें हाइब्रिड डुअल सिम डिज़ाइन है। दोनों ही सिम स्लॉट 4जी और वीओएलटीई को सपोर्ट करते हैं। आपको वाई-फाई 802.11एसी, ब्लूटूथ 5, एनएफसी, एफएम रेडियो और जीपीएस जैसे फीचर भी मिलेंगे। निचले हिस्से पर यूएसबी टाइप सी पोर्ट है और टॉप पर 3.5 एमएम हेडफोन जैक दिया गया है।
 

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हमारा रिव्यू यूनिट आउट ऑफ बॉक्स एंड्रॉयड पाई पर चल रहा था। यह एंड्रॉयड वन फोन है। इसका मतलब है कि आपको स्टॉक एंड्रॉयड यूआई मिलेगा। इसके अलावा नियमित तौर पर सिक्योरिटी अपडेट और भविष्य में सॉफ्टवेयर अपडेट की गारंटी है। हमने पाया कि यूआई में कुछ कस्टमाइज़ेशन भी हैं।

डिस्प्ले के लिए स्टेंडर्ड, विविड और म्यूटेड कलर्स जैसे प्रीसेट विकल्प हैं। डायनमिक मोड डिफॉल्ट में है जो आपकी एक्टिविटी के हिसाब से प्रीसेट में बदलाव करता है। एंबियंट डिस्प्ले फीचर मोनोक्रोम में टाइम, डेट और नोटिफिकेशन आइकन दिखाता है। इनकमिंग मैसेज आने पर आप टैप करके एक्शन ले सकते हैं।
 

Nokia 8.1 परफॉर्मेंस, बैटरी लाइफ और कैमरे

आमतौर पर इस फोन को इस्तेमाल करना स्मूथ था। हम आसानी से ऐप्स के बीच स्विच कर सके। ऐसा ही हाल कई क्रोम ब्राउजर के बीच स्विच करने पर था। PUBG और Asphalt 9: Legends जैसे पावरफुल ग्राफिक्स वाले गेम स्मूथ चले।

हमने जैसे ही कुछ डेमो यूट्यूब वीडियो चलाए इसका एचडीआर स्क्रीन अपना काम करने लगा। चाहे रिजॉल्यूशन 480 पिक्सल तक ड्रॉप हो जाए, आप एचडीआर के साथ वीडियो देख सकते हैं। किसी मोड या सेटिंग्स की भी चिंता नहीं होती। हालांकि, इसका असर बैटरी पर पड़ता है। एक मोनो स्पीकर से आने वाली आवाज़ काफी ऊंची रहती है। क्वालिटी भी बढ़िया है।
 

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बैटरी लाइफ की बात करें तो आम इस्तेमाल में यह दिनभर ही साथ देती है। रात होते-होते Nokia 8.1 में 10 फीसदी बैटरी रह जाती है। हमारे एचडी वीडियो लूप टेस्ट में बैटरी ने सिर्फ 9 घंटे 21 मिनट तक साथ दिया।

Nokia 8.1 में 12 मेगापिक्सल का प्राइमरी रियर कैमरा है। यह ज़ाइस ब्रांड के लेंस और ऑप्टिकल इमेज स्टेबलाइज़ेशन के साथ आता है। इसके अलावा 13 मेगापिक्सल का फिक्स्ड फोकस डेप्थ सेंसर है। इसमें 20 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा है वो भी एडेप्टिव मोड के साथ। यह चार पिक्सल्स को जोड़कर कम रोशनी में बेहतर डिटेल के साथ तस्वीरें कैपचर करेगा।

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कैमरे से ली गई तस्वीरों की क्वालिटी अच्छी थीं, लेकिन कंसिसटेंट नहीं। दिन की रोशनी में ली गई तस्वीरें डिटेल और वाइब्रेंट कलर्स के साथ आईं। Nokia 8.1 फोकस लॉक करने में तेज़ है। इस इस्तेमाल करना मज़ेदार था। कुछ तस्वीरों में ज़रूरत से ज़्यादा एक्सपोज़र की शिकायत मिली। लाइव बोकेह शॉट में सही जगह पर फोकस लॉक होने में थोड़ा वक्त लगा, लेकिन तस्वीरें अच्छी आईं।

हालांकि, रात में क्वालिटी को नुकसान हुआ। शॉट्स आमतौर पर ब्राइट आए, लेकिन नॉयज बहुत ज़्यादा थी। डिटेल की भी कमी थी। दूर के ऑब्जेक्ट सपष्ट नज़र नहीं आ रहे थे। कई बार तो फोकस भी हमारे मनमुताबिक नहीं था।

दिन की रोशनी में रिकॉर्ड किए गए वीडियो क्रिस्प और शार्प आए। ऑप्टिकल इमेज स्टेबलाइज़ेशन का फायदा नज़र आता है। रात के वीडियो में अटपटा सा थ्रोबिंग इफेक्ट था। फ्रंट कैमरे ने ज़्यादातर परिस्थितियों में अच्छी तस्वीरें लीं। ब्यूटीफिकेशन उपलब्ध है, लेकिन डिफॉल्ट में ऑफ रहता है।

हमारा फैसला
Nokia 8.1 बेहद ही कंफ्यूज करने वाला नाम है। हम इसकी तुलना इसके प्रीडेसेसर्स से नहीं कर रहे। लेकिन इस फोन की पोज़ीशन तय कर पाना मुश्किल है। क्योंकि इसमें कोई फ्लैगशिप स्तर का फीचर नहीं है। और ये ना ही वैल्यू फॉर मनी प्राइस रेंज का है। अगर आप 30,000 रुपये खर्चने को तैयार हैं तो मार्केट में Asus ZenFone 5Z और Poco F1 जैसे पावरफुल फोन मिल जाएंगे। दूसरी तरफ, 20,000 रुपये से कम में कई ऐसे फोन है जो इस स्तर की ही परफॉर्मेंस देते हैं। इनमें Nokia 7.1 भी शामिल है।

इस फोन को बिल्ड, स्टाइल और कैमरे जैसे डिपार्टमेंट में किफायती फोन के अपग्रेड के तौर पर देखा जाएगा। हो सकता है कि कुछ यूज़र नोकिया के नाम के लिए ही ज़्यादा खर्चने को तैयार हों। Nokia 8.1 में पसंद आने वाली कई खासियतें हैं, लेकिन इनमें से ज़्यादातर आपको इससे सस्ते फोन में भी मिल जाएगीं।


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