Moto X Play Review in Hindi, मोटो एक्स प्ले का रिव्यू

दो साल पहले जब मोटो एक्स का फर्स्ट जेनरेशन लॉन्च किया गया था, तब से इस डिवाइस को मोटोरोला का फ्लैगशिप हैंडसेट माना गया है। मोटो एक्स एक बेहतरीन फोन था जिसके खराब कैमरे और बैटरी लाइफ ने बेहद निराश किया। हालांकि, कंपनी ने इस डिवाइस के अगले वर्ज़न में बैटरी लाइफ की समस्या से निजात पा ली।

2015 में कंपनी ने मोटो एक्स ब्रांड को फ्लैगशिप सेगमेंट से हटाने का फैसला किया। सबसे पहले सुपर फ्लैगशिप मोटो टर्बो को लॉन्च किया गया और हाल में दो नए मोटो एक्स स्मार्टफोन मोटो एक्स प्ले और मोटो एक्स स्टाइल पेश किए गए। देखा जाए तो मोटो एक्स स्टाइल को ही फ्लैगशिप कैटेगरी का माना जा सकता है। एक्स प्ले फोन आज के स्तर से एक मिड रेंज डिवाइस है। आम इस्तेमाल में कैसी है मोटो एक्स प्ले की परफॉर्मेंस? आइए जानते हैं।

डिज़ाइन और डिस्प्ले
मोटो एक्स प्ले, मोटोरोला के खजाने से निकला एक और सॉलिड व अच्छा दिखने वाला स्मार्टफोन है। डिजाइन और लेआउट के मामले में कंपनी ने इस हैंडसेट के साथ कोई प्रयोग नहीं किया है, यानी अपने पारंपरिक मॉडल पर ही भरोसा जताया है। सिम-प्लस-माइक्रोएसडी कार्ड ट्रे कुछ नया सा एहसास देता है। इसे ट्रे को डिवाइस के टॉप पर जगह दी गई है। ट्रे को बाहर निकालने के बाद आप पाएंगे कि इसके एक तरफ दो नैनो सिम कार्ड के लिए जगह है और दूसरी तरफ माइक्रोएसडी कार्ड के लिए। हमें यह प्रयोग पसंद आया। अगर आप उन लोगों में से हैं जो बार-बार माइक्रोएसडी कार्ड निकालना पसंद करते हैं तो आप नेटवर्क खोने के लिए भी तैयार रहें।

moto x play ndtv sim tray

बैककवर को हटाया जा सकता है। यहां पर फोन की बड़ी बैटरी को पाएंगे। मोटो एक्स प्ले में वाटर रेसिस्टेंट फ़ीचर ना होना बेहद ही निराश करने वाला है। वैसे, एक्स प्ले में वाटर रेपेलेंट कोटिंग दी गई है।

मोटो एक्स प्ले 5.5 इंच के फुल-एचडी डिस्प्ले के साथ आता है जो दिखने में अच्छा है और ब्राइट भी। तेज रोशनी में भी इसके इस्तेमाल में दिक्कत नहीं आती। व्यूइंग एंगल ठीक-ठाक हैं। हमें मोटो एक्स प्ले के स्क्रीन को लेकर कोई शिकायत नहीं है।

moto x play ndtv back display

परफॉर्मेंस और बैटरी लाइफ
इतना पैसा खर्चने के बाद आप कभी नहीं चाहेंगे कि दैनिक इस्तेमाल के दौरान स्मार्टफोन के कारण परेशानी होना पड़े। अच्छी बात यह है कि मोटो एक्स प्ले को लेकर हमें कोई समस्या नहीं आई। स्मार्टफोन क्वाड ऑक्टा-कोर क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 615 चिपसेट और 2 जीबी रैम के साथ आता है। हमें रिव्यू के लिए जो यूनिट मिला, उसमें कोई कमी नहीं थी। एसफाल्ट 8 जैसे गेम्स आसानी से चले।

रिव्यू यूनिट की इनबिल्ट स्टोरेज 32 जीबी थी, जिसमें से 25.45 जीबी स्टोरेज का इस्तेमाल यूज़र द्वारा किया जा सकता है। मार्केट में 16 जीबी वाला वेरिएंट भी उपलब्ध है, लेकिन कीमत में मात्र 1,500 रुपये का अंतर देखते हुए हमारा सुझाव होगा कि ज्यादा बिल्ट-इन स्टोरेज वाला वेरिएट ही खरीदें। अगर नहीं भी खरीदते हैं तो परेशानी वाली बात नहीं, क्योंकि डिवाइस में माइक्रोएसडी कार्ड (128 जीबी तक) के लिए सपोर्ट भी मौजूद है। इसके अलावा यूएसबी ओटीजी स्टोरेज एक्सपेंशन का विकल्प भी दिया गया है।

हाई-एंड गेम खेलने या फिर 2-3 मिनट के कई वीडियो लगातार शूट करने के दौरान हमें डिवाइस के ज्यादा गर्म होने की समस्या का सामना नहीं करना पड़ा। हालांकि, मोटो एक्स प्ले दैनिक इस्तेमाल के दौरान थोड़ा गर्म जरूरत होता है। इसका स्तर परेशान करने वाला तो नहीं है, पर आपको एहसास जरूर होगा।

moto x play ndtv battery

मोटो एक्स प्से में 3630 एमएएच की बड़ी बैटरी है जो 21 मेगापिक्सल का रियर कैमरा के अलावा स्मार्टफोन के अहम खासियतों में से एक है। इस्तेमाल के दौरान हमने पाया कि मोटो एक्स प्ले की बैटरी एक दिन तक चली। दिन का अंत होते-होते बैटरी का पावर भी अपनी आखिरी सांसें गिन रहा था, जैसा कि  ज्यादातर स्मार्टफोन के साथ होता है। बैटरी का साइज देखते हुए यह हमारे लिए थोड़ा चौंकाने वाला था।

वीडियो लूप टेस्ट में मोटो एक्स प्ले की बैटरी ने अच्छे रिजल्ट दिए। हम आपको बता दें कि हमने ज्यादातर वक्त ऐसी जगहों पर बिताया जहां पर नेटवर्क कनेक्टिविटी की दिक्कत थी। ऐसे में बैटरी पर दबाव बढ़ जाता है। इस कारण से ‘मोबाइल स्टैंडबाय’ मोड पर हमेशा सबसे ज्यादा बैटरी की खपत हुई। इसकी जानकारी हमें एंड्रॉयड की बैटरी यूज़ेज रिपोर्ट से पता चली। कमजोर नेटवर्क वाले इलाकों में कॉल की क्वालिटी दूसरे स्मार्टफोन की तुलना में ज्यादा खराब थी। देश में टेलीकॉम नेटवर्क की बदहाली को देखते हुए यह तय कर पाना मुश्किल है कि इसके लिए जिम्मेदार कौन? फोन या नेटवर्क।

सॉफ्टवेयर और कैमरा
हमने हाल ही में मोटो जी थर्ड जेनरेशन स्मार्टफोन को रिव्यू किया था और मोटो एक्स प्ले का सॉफ्टवेयर पूरी तरह से कंपनी के बजट हैंडसेट से मेल खाता है। सॉफ्टवेयर फीचर के बारे में डिटेल से जानना है तो आप मोटो जी (जेन 3) का रिव्यू पढ़ें।

अब बात एक ऐसे फ़ीचर की जो मोटो एक्स प्ले और मोटो जी थर्ड जेन में मौजूद है। दरअसल, हमने इसका जिक्र मोटो जी के थर्ड जेनरेशन डिवाइस के रिव्यू में बिल्कुल नहीं किया था। हम बात कर रहे हैं मोटो असिस्ट की। वर्चुअल असिस्टेंट की दुनिया में यह मोटोरोला की पेशकश है। यह छोटे-मोटे काम को पूरा कर सकता है। इस ऐप के जरिए आप नोटिफिकेशन की सेटिंग्स बदल सकते हैं। गाड़ी ड्राइव करते वक्त यह आपको कॉलर और एसएमएस भेजने वाले का नाम बोलकर बता सकता है। इस ऐप के फ़ीचर थोड़े सीमित हैं, फिर भी यह कई यूज़र को पसंद आएगा।

motorola assist

मोटो एक्स और एक्स सेकेंड जेनरेशन, डिवाइस तो अच्छे थे पर कमजोर कैमरा परफॉर्मेंस के कारण मार्केट में अपनी जगह नहीं बना सके। मोटोरोला ने इस कमी को दूर करने के लिए नए डिवाइस में 21 मेगापिक्सल का कैमरा दिया है। और इसकी परफॉर्मेंस भी अच्छी है।

आउटडोर में या फिर रोशनी वाली जगह पर मोटो एक्स प्ले का कैमरा अच्छी तस्वीरें लेता हैं। अगर आप ऑटोफोकस फीचर टैप-टू-क्लिक मोड का इस्तेमाल करते हैं तो तस्वीरें कुछ हिस्सों में थोड़ी अंडरएक्सपोज्ड ज़रूर नज़र आती हैं।

moto x play sample shot day thumb

कम रोशनी में तो ऑटोफोकस के कारण परेशानी और बढ़ जाती है, कई बार कैमरा को बहुत वक्त लगता है तो कभी-कभार यह फोकस करने में भी फेल हो जाता है। अगर आप टैप-टू-फोकस मोड में स्विच करें तो रिजल्ट बेहतर आते हैं। कुल मिलाकर रियर कैमरे की परफॉर्मेंस संतोषजनक है।

moto x play sample shot low light thumb

फ्रंट कैमरे की परफॉर्मेंस भी संतोषजनक है। रियर कैमरे से बनाए गए वीडियो के बारे में भी ऐसा ही कहा जा सकता है। वीडियो बनाते वक्त पैन करने पर मोटो एक्स प्ले आसानी से रीफोकस कर लेता है, लेकिन दूर के सब्जेक्ट में कमी झलक जाती है। आप वीडियो शूट करने के दौरान टैप करके फोटो भी ले सकते हैं। मोटो एक्स प्ले का कैमरा ऐप मोटो जी जेन 3 के ऐप से पूरी तरह से मेल खाता है। अगर इसके बारे में भी ज्यादा डिटेल से पढ़ने की चाहत रखते हैं तो आप रिव्यू पढ़ सकते हैं।

हमारा फैसला
मोटो एक्स प्ले में कुछ भी शानदार नहीं है, पर यह अपना काम बखूबी निभाता है। फोन को हमारे द्वारा दी गई रेटिंग से आपको भी ऐसा ही लगेगा। डिवाइस में ऐसा कोई भी फ़ीचर नहीं है जिसे अनोखा बताया जाए। इसमें बड़ी बैटरी है और ज्यादा बेहतर कैमरा है, दोनों की परफॉर्मेंस भी अच्छी है। मगर यह इतनी भी शानदार नहीं कि हम इस डिवाइस को अपने प्राइस रेंज में सबसे बेहतर बताएं। अच्छी बात यह है कि फोन किसी भी डिपार्टमेंट में बहुत ज्यादा कमजोर नहीं।

मोटो एक्स प्ले इतना शानदार तो नहीं कि आप दूसरी कंपनियों के फ्लैगशिप स्मार्टफोन के बजाए इसे चुनें। पर यह भी सच है कि यह फ्लैगशिप डिवाइस भी नहीं। ये जिम्मेदारी तो मोटो एक्स स्टाइल के कंधों पर है। कागजी तौर पर देखा जाए तो मोटो एक्स प्ले स्मार्टफोन यू यूरेका प्लस (रिव्यू) जैसा ही है और यू डिवाइस की कीमत भी आाधी है। लेकिन हम यू ब्रांड की सर्विस को लेकर आने वाली शिकायतें को भी नज़रअंदाज नहीं कर सकते। इसके अलावा हमने पहले भी कहा है कि स्पेसिफिकेशन से ज्यादा जरूरी है परफॉर्मेंस

सपोर्ट और सॉफ्टवेयर अपडेट के मामले में मोटोरोला का रिकॉर्ड कई कंपनियों से बेहतर है। तभी तो मोटो एक्स प्ले के जरिए कंपनी की नज़र वनप्लस 2 (रिव्यू) स्मार्टफोन पर है। अगर आप इन दोनों डिवाइस को लेकर असमंजस में है तो हमारा सुझाव मोटो एक्स प्ले होगा। आप इसे आसानी से खरीद सकते हैं और पैसे भी कम लगेंगे।


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