Moto G4 Review in Hindi, मोटो जी4 का रिव्यू

मोटोरोला की लोकप्रिय जी सीराज के स्मार्टफोन को अच्छी कीमत और बेहतरीन फीचर के चलते भारत में खासी अच्छी सफलता मिली है। मोटोरोला स्मार्टफोन में नियर-स्टॉक एंड्रॉयड ने इन्हें ग्राहकों के बीच अच्छी परफॉर्मेंस, आसान इस्तेमाल और समय पर सॉफ्टवेयर अपडेट मिलने के चलते लोकप्रिय बनाया है।

अब मोटोरोला ने थोड़े बदलाव के साथ जी4 के दो वेरिएंट लॉन्च किए हैं। इनमें 13,499 रुपये की कीमत में मोटो जी4 प्लस (रिव्यू) और 12,499 रुपये में मोटो जी4 शामिल हैं। जी4 प्लस में थोड़े से ज्यादा फीचर मिलते हैं। और यह फोन दो स्टोरेज और मेमोरी वेरिएंट में उपलब्ध है तो वहीं मोटो जी4 एक बेसिक विकल्प है और ज्यादा अफॉर्डेबल है। आज हम मोटो जी4 के रिव्यू में जानेंगे कि क्या इन दोनों स्मार्टफोन की कीमत में अंतर वाकई ठीक है? और क्या मोटो जी4 फायदे का सौदा है?
 

लुक एंड डिज़ाइन
नए मोटो जी 4 में पिछले जी सीरीज स्मार्टफोन की तुलना में कई बड़े बदलाव किए गए हैं लेकिन मोटो जी4 और जी4 प्लस में बहुत थोड़ा फर्क है। साइज़, वज़न और दोनों स्मार्टफोन का लुक भी एक जैसा है जिसकी वजह से इनमें फर्क करना मुश्किल हो जाता है। लेकिन मोटो जी4 में कोई फिज़िकल होम बटन नहीं है जिससे यह मोटो जी4 प्लस से अलग पहचाना जा सकता है। मोटो जी4 प्लस की तरह ही एक छोटा माइक्रोफोन जरूर दिया गया है।

मोटो जी4 प्लस में फिंगरप्रिंट सेंसर के चलते मोटोरोला का ट्रेडमार्क स्टीरियो स्पीकर अरैंजमेंट नहीं दिया गया था लेकिन जी4 में मोटोरोला ने इसे आसानी से जी4 में डिज़ाइन किया है। हालांकि फोन में सबसे ऊपर ईयरपीस के पास एक लाउडस्पीकर है जिसका सीधा सा मतलब है कि फोन में उम्मीद के मुताबिक शानदार साउंड नहीं मिलता है।
 

फोन में बाकी सब कुछ बिल्कुल जी4 प्लस जैसा ही है। पावर और वॉल्यूम बटन दायीं तरफ, माइक्रो-यूएसबी पोर्ट नीचे की तरफ और 3.5 एमएम शॉकेट सबसे ऊपर की तरफ हैं। प्लास्टिक का रियर कवर रिमूवेबल है लेकिन यूज़र इसे रीप्लेस नहीं कर सकते। पावर और वॉल्यूम बटन काफी घटिया और अस्थिर महसूस होते हैं और उन्हें ऑपरेट करना भी खासा मुश्किल है।

मोटो जी4 में 5.5 इंच का फुल-एचडी आईपीएस एलसीडी स्क्रीन दी गई है जो मोटो जी4 प्लस की तरह ही है। फोन के फ्रंट का 71.2 प्रतिशत हिस्से पर स्क्रीन का कब्ज़ा है। स्क्रीन खासा चमकदार है, कलर भी शानदार हैं औक सूरज़ की रोशनी में भी फोन को अच्छे से इस्तेमाल किया जा सकता है। एक आईपीएस एलसीडी स्क्रीन के लिए ब्लैक लेवल अच्छा है और किसी तरह के स्क्रैच व नुकसान से बचाने के लिए गोरिल्ला ग्लास 3 दिया गया है। स्क्रीन काफी शार्प है और इसकी डेनसिटी 401 पीपीआई है। इस कीमत वाले फोन के हिसाब से स्क्रीन अच्छा है।

मोटो जी4 खरीदने पर बॉक्स के साथ आपको एक क्विक-चार्ज तकनीक वाला चार्जर मिलेगा। जी4 के साथ आने वाला टर्बो चार्जर जी4 प्लस के साथ दिया गया 25 वाट का ना होकर 14.4 वाट का है। लेकिन यह एक मॉड्यूलर यूनिट है जिसके साथ आपको वॉल चार्जर के साथ एक यूएसबी केबल भी मिलेगा। जिसका मतलब है कि जी4 प्लस के साथ डाटा ट्रांसफर करने के लिए आपको एक अलग केबल की जरूरत नहीं होगी। फोन में ईयरफोन भी साथ आतो हैं लेकिन इनकी क्वालिटी बहुत अच्छी नहीं कही जा सकती।
 

स्पेसिफिकेशन और सॉफ्टेवयर
मोटो जी4 में लगभग वही स्पेसिफिकेशन दिए गए हैं जो जी4 प्लस में हैं। दोनों फोन में बड़ा फर्क फिंगरप्रिंट सेंसर और अलग-अलग कैमरा सेंसर का है। इस फोन में क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 617 प्रोसेसर और 3000 एमएएच की बैटरी है। फोन में 2 जीबी रैम और 16 जीबी इंटरनल स्टोरेज (माइक्रोएसडी कार्ड के जरिए 128 जीबी तक एक्सपेंडेबल) है। मोटो जी सिर्फ एक स्टोरेज और रैम वेरिएंट में ही उपलब्ध है जबकि जी4 प्लस 14,999 रुपये की कीमत में 3 जीबी रैम व 32 जीबी स्टोरेज वेरिएंट में भी आता है। अगर 13,499 रुपये वाले जी4 प्लस से तुलना की जाए तो आपको 1,000 रुपये से कम कीमत में आपको फिंगरप्रिंट सेंसर और थोड़ा कम बेहतर क्वालिटी वाला कैमरा मिलेगा।  

मोटो जी4 में प्राइमरी सिम पर 4जी सपोर्ट मिलता है और यह ब्लूटूथ 4.1 व वाई-फाई ए/बी/जी/एन सपोर्ट करता है। मोटो के इस फोन में यूएसबी-ओटीजी और एफएम रेडियो है लेकिन एनएफसी कनेक्टिविटी नहीं दी गई है।
 

मोटो जी4 नियर-स्टॉक यूज़र इंटरफेस के साथ एंड्रॉयड 6.0.1 मार्शमैलो पर चलता है जिससे डिफॉल्ट लॉन्चर के तौर पर गूगल नाउ का इस्तेमाल होता है। मोटोरोला के पिछले कई स्मार्टफोन में जहां कुछ सॉफ्टवेयर प्री-इंस्टॉल थे वहीं मोटो जी4 में पिछले फोन से अलग स्टॉक के ज्यादा करीब है। फोन में गैलरी ऐप नहीं है और यूज़र को गूगल फोटोज़ का इस्तेमाल करने को कहा जाता है और इसके साथ ही फोन में दो साल तक बिना क्लाउड स्टोरेज स्पेस को प्रभावित किए बिना ही ओरिजिनल रिज़ॉल्यूशन के साथ तस्वीरों के बैकअप का भी ऑफर मौज़ूद रहता है। इसके अलावा एसएमएस, क्लॉक और कैलैंडर जैसे फंक्शन भी गूगल के बिल्ट-इन ऐप से ही चलते हैं।

फोन में जाना-पहचाना मोटो ऐप भी है, जिससे टॉर्च व कैमरा को सिर्फ गेस्चर से ही ऑन या स्टॉप कर सकते हैं। इसके अलावा एक मोटो डिस्प्ले भी है जो लो-पावर मोड में आपको फोन नोटिफिकेशन दिखाने के लिए स्क्रीन को अपने हिसाब से एडजस्ट करता है।
 

कैमरा
मोटो जी 4 का कैमरा जी4 प्लस से दो मायने में अलग है। जी4 प्लस में जहां लेज़र और फेज़ डिटेक्शन ऑटोफोकस के साथ 16 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा है वहीं जी4 में साधारण कंट्रास्ट डिटेक्शन ऑटोफोकस के साथ 13 मेगापिक्सल का कैमरा है। फोन में 5 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा है। रियर पर डुअल-एलईडी फ्लैश है। फोन में 30 फ्रेम प्रति सेकेंड पर 1080 पिक्सल की वीडियो रिकॉर्डिंग जबकि स्लो मोशन में 120 फ्रेम प्रति सेकेंड पर 540 पिक्सल वीडियो रिकॉर्ड किया जा सकता है।

कैंरा ऐप कंपनी का स्टैंडर्ड मोटो कैमरा है और अच्छी तरह से डिज़ाइन किया गया है। फ्लैश, सेल्फ-टाइमर, एचडीआर और कैमरा स्विचिंग व्यूफाइंडर में आसानी से टॉगल कर सकते हैं। जबकि दूसरे विकल्पों से आप कई शूटिंग मोड जैसे तस्वीरें, वीडियो, पैनोरमा, स्लो-मोशन वीडियो और प्रोफेशनल मोड ऑन कर सकते हैं। बायीं से दायीं तरफ स्वाइप करने पर सेटिंग मेन्यू में जाकर रिज़ॉल्यूशन, शटर साउंड और दूसरी सेटिंग बदल सकते हैं। यह एक अच्छा ऐप है जो इस्तेमाल करने में खासा आसान है।
 

बात जब कलर की हो तो तस्वीरें शानदार दिखती हैं। हालांकि, डिटेलिंग की कमी दिखाई पड़ती है खासकर तस्वीरों के चमकदार हिस्सों पर जो ओवरसैचुरेटेड हो जाते हैं। ज़ूम करने पर तस्वीरों में डिटेलिंग की कमी और ज्याजा नज़र आती है।

1080 पिक्सल पर शूट करने पर वीडियो काफी शानदार होती है लेकिन स्लो-मोशन में वीडियो में डिटेलिंग की कमी होती है। लेकिन 540 पिक्सल में स्लो मोशन मोड पर शूट करने से वीडियो ठीक आती है। लेकिन कम रोशनी में तस्वीरें बहुत अच्छी नहीं आती हैं। कुल मिलाकर कहें तो, मोटो जी4 का कैमरा ठीकठाक है और आपको जी4 प्लस से कहीं ज्यादा बेहतर तस्वीरें मिलेंगी।
 

परफॉर्मेंस
मोटो जी4 क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 617 प्रोसेसर पर चलता है जो सबसे पहले एचटी वन ए9 (रिव्यू) में देखा गया था। इस स्मार्टफोन को क्वालकॉम के पिछले प्रोसेसर की तुलना में बेहतर मिड रेंज परफॉर्मेंस और बैटरी लाइफ के तौर पर प्रचारित किया गया है। हालांकि, यह शाओमी रेडमा नोट 3 (रिव्यू) में दिए गए दमदार स्नैपड्रैगन 650 प्रोसेसर के आसपास भी नहीं है जो ना केवल मोटो जी4 से कम कीमत मे है बल्कि ज्यादा रैम व स्टोरेज के साथ भी आता है।

लेकिन इससे अलग, मिड रेंज वाला यह फोन भरोसेमंद है। कभी-कभी फोन थोड़ा गर्म हो जाता है लेकिन कुल मिलाकर यह बिना किसी ज्यादा परेशानी के काम करता है। फोन से अच्छे बेंचमार्किंग आंकड़े मिले।

हमारे वीडियो लूप टेस्ट में मोटो जी4 की बैटरी ने करीब 12 घंटे तक हमारा साथ दिया। फोन की बैटरी लगभग जी4 प्लस की तरह ही है। सामान्य इस्तेमाल में भी एक बार फुल चार्ज करने के बाद हम फोन को पूरे दिन (4जी कनेक्टिविटी पर भी) तक चला सके। फोन के साथ आने वाला चार्जर मोटो जी4 प्लस की तरह क्विक नहीं है लेकिन यह डिवाइस अच्छे से काम करता है।
 

हमारा फैसला
मोटो जी4 हर तरह से एक शानदार फोन है। इसका डि़ज़ाइन अच्छा है, यह शानदार दिखता है और जबरदस्त, अप-टू-डेट सॉफ्टवेयर के साथ आता है। हालांकि, इसमें वो सब नहीं है जिससे यह 15,000 रुपये से कम कीमत वाले स्मार्टफोन सेगमेंट में स्थापित हो सके और इसे मोटो जी4 प्लस से ही कड़ी टक्कर मिलती है।

मोटो जी4 जहां मोटो जी4 प्लस (रिव्यू) से 1,000 रुपये सस्ता है। हम आपको सलाह देंगे कि 1,000 रुपये ज्यादा देकर मोटो जी4 प्लस खरीदें। इस फोन में आपको फिंगरप्रिंट सेंसर, बेहतर कैमरा और ज्यादा दमदार चार्जर मिलेगा। और अगर आप थोड़े और पैसे खर्च कर सकते हैं तो आप 3 जीबी/ 32 जीबी स्टोरेज वेरिएंट भी ले सकते हैं। और अगर आप बजट बढ़ाना नहीं चाहते तो कम कीमत में शाओमी रेडमी नोट 3 (रिव्यू) ज्यादा बेहतर विकल्प है।

मोटो जी4 खरीदने की सिर्फ एक वजह है वो है अगर आपका बजट बेहद सीमित है और आप उसे बढ़ाना नहीं चाहते लेकिन स्टॉक एंड्रॉयड एक्सपीरियंस आपके लिए जरूरी है। लेकिन अगर यह आपकी जरूरत नहीं है तो हम आपको मोटो जी4 खरीदने की सलाह नहीं दे सकते।


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