जियोनी मैराथन एम5 लाइट का रिव्यू

जियोनी के बजट स्मार्टफोन सेगमेंट में सबसे अच्छी बैटरी लाइफ देने के मिशन पर लगातार काम कर रही है। कंपनी ने मैराथन एम4 लॉन्च करने के बाद मैराथन एम5 (रिव्यू) लॉन्च किया  था।

कंपनी ने एम5 की सफलता के बाद जनवरी में मैराथन एम5 लाइट स्मार्टफोन लॉन्च किया। इस स्मार्टफोन के स्पेसिफिकेशन और फीचर में हमें पुराने एम4 की झलक दिखती ही दिखती है सिवाय इसमें दिए नए एंड्रॉयड वर्जन और कुछ नए इंटरनल फीचर के। क्या जियोनी का मैराथन एम5 लाइट एक खरीदने योग्य फोन है? आज हम करेंगे जियोनी के इस स्मार्टफोन का रिव्यू।

लुक और डिजाइन
बात जब आती है मैराथन एम5 लाइट स्मार्टफोन की खूबबसूरती की तो निश्चित तौर पर यह पुराने मैराथन स्मार्टफोन से ज्यादा अच्छा है। फोन पहले से ज्यादा पतला है और नए कलर में आने से यह ज्यादा प्रीमियम लुक देता है। हालांकि फोन थोड़ा भारी है।
 

जियोनी के इस स्मार्टफोन में 5 इंच एचडी आईपीएस डिस्प्ले है और इसको मजबूती देने के लिए ड्रैगनट्रेल ग्लास का इस्तेमाल किया गया है। स्क्रीन की पिक्सल डेनसिटी 300 पीपीआई है जिस वजह से तस्वीरें और टेक्स्ट बिनी बिखरे शार्प दिखते हैं। जियोनी ने एक बार फिर नोटिफिकेशन एलईडी और कैपेसिटिव बटन में बैकलाइट ना देकर निराश किया है।
 

फोन में दायीं तरफ पॉवर और वॉल्यूम बटन दिये गए हैं जिससे फोन हाथ में पकड़ने में सुविधाजनक लगता है। लेकिन अगर आप फोन को किनारे से पकड़ते हैं तो इसके फिसलने का डर रहता है हालांकि रियर से फोन को आसानी से पकड़ा जा सकता है। फोन का रियर कवर रिमूवेबल है लेकिन बैटरी नहीं। फोन में 4जी सपोर्ट के साथ दो माइक्रो-सिम स्लॉट हैं। एक अलग माइक्रोएसडी कार्ड स्लॉट भी है जिससे फोन की स्टोरेज को 128 जीबी तक बढ़ाया जा सकता है।
 

जियोनी मैराथन एम5 लाइट को खरीदने पर एक चार्जर, यूएसबी केबल, स्क्रीन गार्ड, केस और कुछ दिशा-निर्देश मैनुअल साथ आते हैं। फोन के साथ आने वाली एक्सेसरी काफी घटिया लगती है और यह मैराथन एम4 और एम5 के साथ आने वाली एक्सेसरी जितनी अच्छी नहीं है। फोन फास्ट चार्जिंग सपोर्ट नहीं करता है और इसके साथ आने वाले 5 वाट का चार्जर इसमें दी गई बड़ी बैटरी के मुताबिक ठीक नहीं है।
 

स्पेसिफिकेशन और सॉफ्टवेयर
जियोनी के मैराथन एम5 स्मार्टफोन की तरह ही मैराथन एम5 लाइट में क्वाड-कोर मीडियाटेक एमटी6735 प्रोसेसर, 3 जीबी रैम और 32 जीबी स्टोरेज है। दोनों फोन की कीमत के फर्क को देखते हुए ये स्पेसिफिकेशन अच्छे कहे जा सकते हैं। इसके अलावा दोनों फोन में वाई-फाई बी/जी/एन, ब्लूटूथ 4.0, यूएसबी ओटीजी, एफएम रेडियो, मीराकास्ट और जीपीएस जैसे फीचर भी एक जैसे ही हैं। फोन में 4000 एमएएच बैटरी है जिसके कई दिन तक चलने का वादा किया गया है।

मैराथन एम5 लाइट एंड्रॉयड 5.1 लॉलीपॉप पर चलता है जिसके ऊपर जियोनी एमिगो 3.1 स्किन दी गई है।
 

फोन में सिंगल लेयर स्टॉक लॉन्चर है जिससे होम स्क्रीन पर दिए आइकन के ट्रांजिशन इफेक्ट कस्टमाइज किये जा सकते हैं। अगर जियोनी ने होम स्क्रीन पर वॉलपेपर बदलने के लिए सेटिंग मेन्यू में जाने के अलावा कोई और विकल्प दिया होता तो ज्यादा बेहतर होता। क्विक सेटिंग को कंट्रोल सेंटर से एक्सेस किया जा सकता है। सेटिंग ऐप में स्मार्ट गेस्चर फीचर भी है जिससे आप टच किये बिना सिर्फ फोन को हिलाकर मीडिया (तस्वीरें और वीडियो) व वेब ब्राउजिंग पर नियंत्रण कर सकते हैं।
 

फोन में पहले से आए प्री-इंस्टॉल ऐप में से अधिकतर हटाए जा सकते हैं। डब्ल्यूपीएस ऑफिस, टचपल 2015, डीयू स्पीड बूस्टर, यूसी ब्राउजर और दूसरे ट्रायल गेम डिलीट किये जा सकते हैं।

परफॉर्मेंस
फोन के स्पेसिफिकेशन को देखते हुए यह कोई चौंकाने वाली बात नहीं है कि एम5 लाइट से अधिकतर चीजें आसानी से चलाई जाती हैं। फोन में सामान्य ऐप परफॉर्मेंस और मल्टीटास्टिंग शानदार है। यूजर के पास 1.6 जीबी रैम इस्तेमाल करने के लिए हमेशा होती है। स्मार्टफोन में 4 जी ठीक से काम करता है और साधारण इस्तेमाल के दौरान फोन  बहुत कम गर्म होता है।

फोन में 3डी गेम जैसे डेड ट्रिगर 2 और स्काई सफारी 2 बिना किसी समस्या के आसानी से खेले जा सकते हैं। बेंचमार्क टेस्ट में भी फोन के आंकड़े शानदार रहे।
 

फोन का मल्टीमी़डिया सपोर्ट भी अच्छा है फोन का स्टॉक वीडियो प्लेयर उच्च क्वालिटी की वीडियो फाइल भी आसानी से प्ले करता है। इसके अलावा वीडियो प्लेयर डीटीएस ऑडियो से लैस है। फोन में दिये गए रियर मोनो स्पीकर से म्यूजिक और वीडियो के लिए शानदार तेज ऑडियो मिलता है। फोन के साथ आने वाले हेडसेट से अच्छी ऑडियो क्वालिटी नहीं मिलती है और यह पहनने में भी फिट नहीं होता।
 

फोन के रियर कैमरे से तस्वीरें लेने के दौरान हमें थोड़ी परेशानी देखने को मिली। फोन से लिये गए क्लोज अप शॉट में रंग बहुत ज्यादा अतिरंजित हो जाते हैं। फोन के डिस्प्ले में तस्वीरें अच्छी दिखती हैं लेकिन बड़ी स्क्रीन पर ज़ूम करके देखने पर इनमें डिटेलिंग और शार्पनेस की कमी साफ देखी जा सकती है। कैमरा ऐप में दिए गए शूटिंग मोड, प्रो मोड से अलग-अलग तरह की तस्वीरें ली जा सकती हैं। कम रोशनी में ली गईं तस्वीरों में भी डिटेलिंग और ऑटोफोकस की कमी देखने को मिली।
 

कैमरे से 1080 पिक्सल की वीडियो रिकॉर्डिंग की जा सकती है जिसे फोन के सॉफ्टवेयर को देखते हुए बुरा नहीं कहा जा सकता है। अच्छी रोशनी में फोन के फ्रंट कैमरे से अच्छी सेल्फी ली जा सकती है।

बैटरी लाइफ
मैराथन सीरीज के स्मार्टफोन की सबसे अहम खासियत बैटरी लाइफ ही है। हालांकि, एम5 लाइट स्मार्टफोन की बैटरी उतनी अच्छी नहीं चलती जितनी की हमने उम्मीद की थी। हमारे वीडियो लूप टेस्ट में फोन की बैटरी ने 11 घंटे ने 47 मिनट तक साथ दिया जबकि सामान्य इस्तेमाल के दौरान बैटरी डेढ़ दिन तक चली। बैटरी की परफॉर्मेंस अच्छी है लेकिन मैराथन सीरीज के स्मार्टफोन को देखते हुए हमने ज्यादा बेहतर बैटरी लाइफ की उम्मीद की थी। ओप्पो आर7 लाइट (रिव्यू) के हमारे वीडियो लूप टेस्ट में 2320 एमएएच बैटरी कहीं ज्यादा देर तक चली थी।

हमें सबसे ज्यादा दुख इस बड़ी बैटरी की चार्जिंग को लेकर हुआ जिसे फोन के साथ आया चार्जर लगभग चार घंटे में फुल चार्ज कर पाता है।
 

हमारा फैसला
12,999 रुपये की कीमत के साथ मैराथन एम5 लाइट अपनी ओवरऑल परफॉर्मेंस के हिसाब से महंगा है। अगर इस कीमत में ऐसी बैटरी लाइफ मिलती है जो हम पुराने मैराथन एम4 को ही खरीदने की सलाह देंगे। फोन के लुक के अलावा शायद ही कोई बड़ा बदलाव आपका ध्यान खींच पाए।

फोन के स्लिम और बेहतर लुक वाली बॉडी और दिनभर चलने वाली बैटरी को छोड़ दें तो फोन में कुछ भी खास नहीं है। फोन के साथ आने वाली एक्सेसरी भी पिछले मैराथन स्मार्टफोन से बहुत खराब है।

जियोनी ने मैराथन सीरीज में एम5 लाइट के बाद हाल ही में एम5 मिनी भी लॉन्च किया। किसी एक फोन की भारी सफलता की जगह कंपनी ने बाजार में कई मैराथन एम5 वेरिएंट लॉन्च कर दिए हैं। हमें लगता है कि कंपनी को नए सिरे से सोचने और यूजर के हिसाब से स्मार्टफोन में अच्छे फीचर विकसित करने की जरूरत है।


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