इनफोकस बिंगो 10 का रिव्यू

यह तो साफ है कि शुरुआती कीमत वाले स्मार्टफोन उन स्मार्टफोन की तरह नहीं होते जो टॉप स्पेसिफिकेशन के साथ आते हैं। हालांकि, हालांकि इनफोकस बिंगो ने हमारा ध्यान अपनी तरफ इसलिए खींचा क्योंकि 5,000 रुपये से कम कीमत में एंड्रॉयड मार्शमैलो के साथ आने वाले चुनिंदा स्मार्टफोन में से एक है। इस बात को ध्यान में रखते हुए कि अभी भी अधिकतर नए और महंगे स्मार्टफोन भी एंड्रॉयड लॉलीपॉप के साथ आ रहे हैं तो क्या इनफोकस बिंगो 10 अपने सेगमेंट में बेहतर साबित हो सकता है? आज हम करेंगे इनफोकस बिंगो बजट स्मार्टफोन का रिव्यू और जानेंगे कि फोन में क्या हैं कमियां और खूबियां?

लुक एंड डिजाइन
बिंगो 10 स्मार्टफोन अपनी सीरीज के स्मार्टफोन इनफोकस बिंगो 21 (रिव्यू) और इनफोकस बिंगो 50 (रिव्यू) में सबसे कमतर है। बात की जाए बनावट की तो प्लास्टिक से बना यह फोन रग्ड महसूस होता है और टेक्सचरयुक्त रियर कवर इसके ग्रिप को बेहतर बनाती है। हमारी रिव्यू यूनिट के किनारे स्यान और रियर कवर ब्लैक थे लेकिन इनफोकस का यह फोन लाइम ग्रीन बॉर्डर और व्हाइट रियर कलर में भी उपलब्ध है।
 

स्क्रीन पर किसी तरह ओलियोफोबिक कोटिंग ना होने से इस पर आसानी से फिंगरप्रिंट और धब्बे आ जाते हैं। इस वजह से फोन को साफ रखना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। (480×854) पिक्सल रिजॉल्यूशन का डब्ल्यूवीजीएस स्क्रीन है जिसकी डेनसिटी 217 पीपीआई है। मल्टीमीडिया एक्टिविटी के लिए डिस्प्ले बहुत अच्छी नहीं है। व्यूइंग एंगल भी अच्छा नहीं है। नेविगेशन के लिए ऑन स्क्रीन बटन दिए गए हैं। जिससे फोन के नीचे की तरफ काफी जगह बच जाती है। फोन में नोटिफिकेशन एलईडी नहीं दी गई है लेकिन कैमरे के साथ एलईडी फ्लैश मौजूद है।
 

वॉल्यूम और पॉवर बटन दोनो ही दायीं तरफ दिए गए हैं और अच्छी तरह काम करते हैं। फोन में नीचे की तरफ हेडफोन जैक और माइक्रो-यूसबी है। रियर पर ऊपरी कोने में फ्लैश के साथ 5 मेगापिक्सल का रियर कैमरा जबकि नीचे की तरफ स्पीकर मौजूद हैं।
 

बिंगो 10 का डिजाइन बहुत ज्यादा बेहतर नहीं है लेकिन कीमत के हिसाब से ठीक कहा जा सकता है। फोन बहुत पतला नहीं है और इसकी मोटाई 10.4 एमएम है। बिंगो 10 खरीदने पर आपको एक चार्जर, एक डाटा केबल और एक लीफलेट मिलेगी। बाकी भारतीय फोन निर्माताओं द्वारा बजट स्मार्टफोन में दी जाने वाली एक्सेसरी की तुलना में बिंगो 10 के साथ आने वाली एक्सेसरी की क्वालिटी अच्छी है।

स्पेसिफिकेशन और सॉफ्टवेयर
फोन का रियर कवर रिमूवेबल है। 2000 एमएएच की बैटरी को हटाया जा सकता है। फोन में एक माइक्रो-सिम ट्रे, एक रेगुलर सिम ट्रे और एक माइक्रोएसडी कार्ड है। बिंगो 10 एक ट्राई-बैंड फओन है जो 3जी डेटा सपोर्ट के साथ आता है। स्मार्टफोन में क्वाड-कोर मीडियाटेक एमटी6580ए प्रोसेसर और 1 जीबी रैम है। लेकिन परफॉर्मेंस के मामले में आपको इस फोन से बहुत ज्यादा उम्मीद नहीं रखनी चाहिेए। हमें बेंचमार्क टेस्ट में फोन से बहुत बेकार आंकड़े मिले।
 

फोन ब्लूटूथ 4, वाई-फाई बी/जी/एन, जीपीएस और एफएम रेडियो सपोर्ट करता है। हमारे इस्तेमाल करने के दौरान यूएसबी-ओटीजी ने काम नहीं किया। फोन में 8 जीबी स्टोरेज मिलती है जिसमें 4.03 जीबी को ही आप इस्तेमाल कर सकते हैं। एंड्रॉयड मार्शमैलो के ऊपर इनफोकस की इनलाइफ यूआई 2.0 स्किन दी गई है। जिससे फोन में कुछ कामके ट्वीक जैसे मोशन गेस्चर (फटाफट कॉल रिजेक्ट करने के लिए या दूसरे गाने पर जाने के लिए) मिलते हैं। ऐप की बात करें तो थीम स्टोर से आपको बैटरी मॉनीटरिंग के लिए ‘पॉवर डिटेक्टिव’, फाइल सिस्टम क्लीन करने के लिए ‘मोबाइल असिस्टेंट’ मिलते हैं जिनसे आप तस्वीरों से लोगों के वर्चुअल बबलहेड ‘इमोजी’ क्रिएट कर सकते हैं। इसके अलावा इनफोकस बिंगो 10 मार्शमैलो के ‘डोज़ फीचर’ और ‘नाउ ऑन टैप’ सपोर्ट करता है।

परफॉर्मेंस
जहां मार्शमैलो और इनफोकस के मिले-जुले फीचर अच्छे दिखते हैं लेकिन फोन की वास्तविक परफॉर्मेंस उम्मीद के मुताबिक नहीं है। इसकी असली वजह डिसप्ले और कम रैम है। औसतन, यूजर के इस्तेमाल के लिए 320 एमबी रैम ही है जो काफी नहीं है। ऐप लॉन्च होने में समय लगता है और ऐप में स्विच करते समय परेशानी साफ दिखाई पड़ती है। डिस्प्ले का टच भी अच्छा नहीं है और कई बार तो इससे काफी परेशान होना पड़ता है।
 

राहत की बात है, कि फोन की कॉल क्वालिटी अच्छी है और इसमें हमें कोई परेशानी नहीं देखनी पड़ी। कॉन्फ्रेंस कॉल के लिए स्पीकर काफी लाउड है लेकिन मल्टीमीडिया प्लेबैक के लिए यह बेहतर नहीं कहा जा सकता। बिंगो 10 1080 पिक्सल वीडियो फाइल आसानी से प्ले करता है जिनमें हाई-वाइब्रेट वीडियो भी शामिल हैं। हेडफोन के जरिए ऑडियो क्वालिटी बेहतर है और बिंगो 10 इक्वलाइजर प्रीसेट के साथ भी आता है।
 

बिंगो 10 में 5 मेगापिक्सल का रियर कैमरा है लेकिन यह ऑटोफोकस नहीं है इसलिए आप बहुत ज्यादा उम्मीद ना लगाए। दिन की रोशनी में भी लैंडस्केप और मैक्रो दोनों ही तस्वीरों की क्वालिटी औसत से कम है। कैमरा ऐप में बर्स्ट, एचडीआर और पैनोरमा जैसे शूटिंग मोड दिए गए हैं लेकिन ऑटोफोकस ना होने से इन मोड का भी कोई फायदा नहीं होता। वी़डियो रिकॉर्डिंग इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलाइजेशन के साथ होती है और अधिकतम 1080 पिक्सल रिजॉल्यूशन वीडियो रिकॉर्ड की जा सकती है। लेकिन वीडियो क्वालिटी भी औसत से कम है। फ्रंट कैमरे से ठीकठाक सेल्फी आ जाती है।

बैटरी लाइफ
बैटरी लाइफ इनफोकस के इस स्मार्टफोन का एक अहम फीचर कहा जा सकता है। हमारे वीडियो लूप टेस्ट में बिंगो 10 की बैटरी ने 8 घंटे 43 मिनट तक हमारा साथ दिया। वहीं सामान्य इस्तेमाल के दौरान हम एक दिन से ज्यादा समय तक फोन को चला पाए। फोन एक स्टैंडर्ड 5 वाट के पॉवर एडेप्टर के साथ आता है इसलिए चार्जिंग में समय लगता है।
 

हमारा फैसला
बिंगो 10 को कंपनी ने ‘मार्शमैलो पर चलने वालादुनिया का सबसे अफोर्डेबल स्मार्टफोन’ के तौर पर पेश किया है। लेकिन इनफोकस को यह अनुभव देने के लिए कई चीजों में कटौती करनी पड़ी है। बिंगो 10 की बनावट और बैटरी लाइफ बेहतक है लेकिन इसके अलावा फोन में कुछ भी बहुत खास नहीं है।

इस कीमत में मार्शमैलो के साथ आने वाले इस फोन में एंड्रॉयड अनुबव भी बहुत अच्छा नहीं मिल पाता क्योंकि हार्डवेयर के मामले में कंपनी ने समझौता किया गया है। जिसका मतलब है कि आप थोड़ी ज्यादा कीमत चुकाकर एंड्रॉयड लॉलीपॉप स्मार्टफोन खरीदना ज्यादा बेहतर समझेंगे। इसके अलावा 4जी सपोर्ट के साथ ना आना भी एक बड़ी कमी है क्योंकि आज अधिकतर स्मार्टफोन एलटीई पर आ चुके हैं।

कुल मिलाकर कहें, तो इनफोकस बिंगो 10 निराश करता है और कम कीमत होने के बावजूद हम फोन को ना खरीदने की सलाह देंगे।


Source link

Total Page Visits: 64 - Today Page Visits: 2