असूस ज़ेनफोन 3 लेज़र का रिव्यू

असूस ने अपनी ज़ेनफोन 3 स्मार्टफोन सीरीज़ के जरिए प्रीमियम सेगमेंट पर ध्यान देने की कोशिश की है। कंपनी ने साफ कर दिया है कि वह अब बजट सेगमेंट में और ज्यादा प्रतिद्वंदिता करना नहीं चाहती। असूस ने अब ऐप्पल, एलजी और सैमसंग से टक्कर करने की ठानी है। हालांकि अभी तक ताइवानी कंपनी अपना सबसे टॉप स्मार्टफोन ज़ेनफोन 3 डीलक्स लॉन्च नहीं किया जिसकी टक्कर अभी बाजार में मौज़ूद फ्लैगशिप स्मार्टफोन से होगी। भारत में इस रेंज के बाकी सभी स्मार्टफोन पेश कर दिए गए हैं।

हमने कुछ दिनों पहले असूस ज़ेनफोन 3 (ज़ेडई552केएल) का रिव्यू किया था। और अब हम वनप्लस 3 (रिव्यू) का विकल्प तलाश रहे लोगों के लिए एक दूसरे फोन का विकल्प तलाश रहे हैं। हाल ही में कंपनी ने भारत में असूस ज़ेनफोन 3 लेज़र (ज़ेडसी551केएल) लॉन्च किया है जो ऑफलाइन रिटेल चैनल पर उपलब्ध होने से पहले सिर्फ ऑनलाइन उपलब्ध होगा।

ज़ेनफोन 3 के दूसरे मॉडल की तरह ही नया असूस ज़ेनफोन 3 लेज़र एंड्रॉयड 6.0 मार्शमैलो पर चलता है। यह फोन मेटल बॉडी का बना है। इस फोन में तेज ऑटोफोकस और बेहतर कैमरे के साथ शटर समस्या को दूर करने की कोशिश की गई है। क्या यह फोन प्रतिद्वंदिता से खुद को अलग साबित कर अपनी पहचान कायम रख पाएगा? आज हम रिव्यू के जरिए इस स्मार्टफोन की खूबियों व कमियों के बारे में जानेंगे।

असूस ज़ेनफोन 3 लेज़र की बनावट व लुक
ज़ेनफोन 3 लेज़र एक मेटल बॉडी स्मार्टफोन है और इसमें आगे की तरफ सुरक्षा के लिए 2.5डी कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास दिया गया है। इसका डाइमेंशन 149x76x7.9 मिलीमीटर और वज़न 150 ग्राम है। 5.5 इंच स्क्रीन होने के बावज़ूद ज़ेनफोन 3 लेज़र एक हाथ में आसानी से फिट हो जाता है। जबकि इसी स्क्रीन साइज़ वाला असूस ज़ेनफोन 3 (ज़ेडई5552केएल) हमें एक हाथ से इस्तेमाल करने में सुविधाजनक नहीं लगा था।
 

फोन में आगे की तरफ 5.5 इंच फुल एचडी डिस्प्ले है जिसके ऊपर एक फ्रंट कैमरा है। असूस के मुताबिक, हैंडसेट में स्क्रीन-टू-बॉडी रेशियो 77 प्रतिशत है। डिस्प्ले के नीचे कैपेसिटिव एंड्रॉयड नेविगेशन बटन है। नेविगेशन बटन बैकलिट नहीं है इसलिए हमें अंधेरे में फोन इस्तेमाल करना आसान नहीं लगा। हमारा रिव्यू यूनिट गोल्ड कलर का था और यह फोन सिल्वर कलर में भी उपलब्ध होगा।

फोन का रियर भी मेटल का बना है और ज़ेनफोन 3 की तरह यह ग्लास रियर के साथ आता है। रियर पर ऊपर व नीचे दो लाइन हैं जो शाओमी रेडमी नोट 3 की तरह है। असूस का कहना है कि इस फोन में एक फिंगरप्रिंट सेसंर भी है और इसके ऊपर ऐसी कोटिंग की गई है जिससे निशान नहीं पड़ते हैं।

फोन में रियर कैमरा उभरा हुआ है और इसका डि़ज़ाइन ज़ेनफोन 3 सीरीज़ के दूसरे स्मार्टफोन जैसा ही है। कैमरा लेंस के पास रियर पर एक डुअल एलईडी फ्लैश और लेज़र ऑटोफोकस अमीटर है। कैमरे के बिल्कुल नीचे फिगंरप्रिंट स्कैनर दिया गया है। और नीचे की तरफ असूस की ब्रांडिंग है। फोन में पावर व वॉल्यूम बटन दांयीं तरफ है जबकि बांयीं तरफ एक हाइब्रिड सिम स्लॉट है। फोन में ऊपर की तरफ 3.5 एमएम ऑडियो जैक जबकि नीचे की तरफ एक स्टैंडर्ड माइक्रो-यूएसबी पोर्ट और स्पीकर ग्रिल दिया गया है।

रिव्यू प्रक्रिया के दौरान हमें एक कठिनाई सामने आई कि माइक्रो-यूएसबी पोर्ट के किनारे थोड़े धारदार हैं। जिससे फोन इस्तेमाल करते समय हाथ में थोड़ी खरोंच आ जाती है।
 

5.5 इंच फुल एचडी (1080×1920 पिक्सल) आईपीएस डिस्प्ले वाइब्रेंट है और कलर प्रोडक्शन अच्छा है। डिस्प्ले का ब्राइटनेस लेवल भी खासा अच्छा है। टेक्स्ट और तस्वीरें क्रिस्प दिखती हैं। यूज़र असूस के स्पलेंडिड ऐप के जरिए कलर टेम्परेचर एडजस्ट कर सकते हैं। सूरज की रोशनी में भी फोन को अच्छे से पढ़ा जा सकता है और दिन की रोशनी में फोन को इस्तेमाल करने में हमें कोई दिक्कत नहीं हुई। मूवी, वीडियो और दूसरे मल्टीमीडिया कंटेंट को देखते समय व्यूइंग एंगल में समस्या नहीं हुई।

हमने देखा कि डिस्प्ले एक फिगंरप्रिंट मैग्नेट की है और हमें समय-समय पर इसे साफ करना पड़ता है। ज़ेनफोन 3(ज़ेडई552केएल) की तरह ही ज़ेनफोन 3 लेज़र में एक ब्लू लाइट फिल्टर है जिससे आंखों का बचाव करने का दावा किया गया है। हमारे रिव्यू के दौरान हमें डिस्प्ले के टच में कोई समस्या नहीं दिखी और फोन को दस्ताने पहनकर भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

असूस ज़ेनफोन 3 लेज़र स्पेसिफिकेशन और सॉफ्टवेयर
ज़ेनफोन 3 लेज़र में एक ऑक्टा-कोर 64-बिट क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 430 प्रोसेसर है जो 1.4 गीगाहर्ट्ज़ पर चलता है। ग्राफिक्स के लिए एड्रेनो 505 है। 4 जीबी एलपीडीडीआर3 रैम है। इस फोन में 32 जीबी इनबिल्ट स्टोरेज है जिसे माइक्रोएसडी कार्ड के जरिए 128 जीबी तक बढ़ाया जा सकता है। गूगल के साथ मिलकर असूस दो साल के लिए गूगल ड्राइव पर 100 जीबी तक की क्लाउड स्टोरेज भी ऑफर कर रही है जिसे आप तस्वीरें, वीडियो और दूसरे डॉक्यूमेंट स्टोर करने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।
 

इस फोन में अपर्चर एफ/2.0 और डुअल टोन एलईडी फ्लैश के साथ 13 मेगापिक्सल का रियर कैमरा है। यह 30 फ्रेम प्रति सेकेंड पर 1080 पिक्सल तक की वीडियो रिकॉर्डिंग सपोर्ट करता है। फोन में अपर्चर एफ/2.0 के साथ एक 8 मेगापिक्सल का कैमरा भी है। कनेक्टिविटी की बात करें तो ज़ेनफोन 3 लेज़र में ब्लूटूथ 4.2, वाई-फाई 802.11 ए/बी/जी/एन, वाई-फाई डायरेक्ट, जीपीएस/ए-जीपीएस, ग्लोनास और 4 जी जैसे फ़ीचर हैं। यह हैंडसेट हाइब्रिड सिम स्लॉट के साथ आता है जिसका मतलब है कि यूज़र को दो सिम कार्ड या एक सिम कार्ड और एक माइक्रोएसडी कार्ड में से किसी एक का चुनाव करना पड़ेगा।

असूस का दावा है कि दोनों स्लॉट में 3जी और 4जी नेटवर्क सपोर्ट करता है लेकिन एक समय में सिर्फ एक ही एक्टिव रह सकता है। ज़ेनफोन 3 लेज़र एलटीई सपोर्ट करता है। हैंडसेट में 3000 एमएएच की नॉन-रिमूवेबल बैटरी दी गई है।

असूस ज़ेनफोन 3 लेज़र एंड्रॉयड 6.0 मार्शमैलो पर चलता है जिसके ऊपर कंपनी की ज़ेनयूआई 3.0 स्किन दी गई है। ज़ेनफोन 3 लेज़र उसी सॉफ्टवेयर पर चलता है जो ज़ेनफोन 3 (ज़ेडई552केएल) में दिया गया है। ज़ेनफोन 3 के बारे में ज्यादा जानकारी हमारे रिव्यू में पढ़ी जा सकती है। इसका सबसे गौर करने वाला फ़ीचर है रियल-टाइम एनिमेटेड वेदर और क्लॉक विज़ेट।

असूस ने पिछले कुछ समय में ज़ेनयूआई के इंटरफेस में काफी सुधार किया है। नया वर्जन पहले से ज्यादा हल्का, स्पष्ट और साफ है। हालांकि, इसमें असूस के कई ऐप जैसे थीम्स, फोटो कोलाज, मिनी मूवी, ज़ेनसर्कल, ज़ेनसिंक, वेदर, डू इट लेटर, गेम, जीन, ज़ेनफोन केयर और कवर हमें थोड़ा परेशान करते हैँ। इसके अलावा फोन में थर्ड पार्टी ऐप जैसे अमेज़न शॉपिंग, सावन, ट्रिपएडवाइज़र, इंस्टाग्राम, अमेज़न किंडल और फेसबुक भी इंस्टॉल आते हैं। इनमें से कई को अनइंस्टॉल किया जा सकता है।

असूस ज़ेनफोन 3 लेज़र कैमरा
असूस के इस फोन में कैमरा ऐप को लॉक स्क्रीन से भी फटाफट खोला जा सकता है। ऐप के इंटरफेस को आसानी से समझा जा सकता है। यूज़र मैनुअल, एचडीआर प्रो, ब्यूटिफिकेशन, सुपर रिज़ॉल्यूशन, लो-लाइट, क्यूआर कोड, नाइट, डेप्थ ऑफ फील्ड, इफेक्ट, सेल्फी, जिफ़ एनिमेशन, पैनोरमा, मिनिएचर, टाइम रिवाइंड, स्लो मोशन और टाइम लैप्स जैसे फ़ीचर हैं। गौर करने वाली बात है कि इन सभी मोड को ज़ेनफोन 3 सीरीज़ के सभी स्मार्टफोन में दिया गया है।

इस फोन के जिस फ़ीचर की सबसे ज्यादा चर्चा है वो है इसमें दी गई लेज़र ऑटोफोकस टेक्नोलॉजी जिसके 0.03 सेकेंड में फोकस लॉक करने का दावा किया गया है। हमारे रिव्यू के दौरान हमने पाया कि यह फ़ीचर वाकई बहुत तेजी से काम करता है। क्लोज़-अप शॉट लेने के दौरान लेज़र ऑटोफोकस एक बड़ी भूमिका अदा करता है।

ज़ेनफोन 3 लेज़र से अच्छी रोशनी में बेहतर डिटेलिंग और शानदार कलर रीप्रोडक्शन के साथ बेहतरीन तस्वीरें ली जा सकतीं हैं। तस्वीरों को ज़ूम करने पर हमने थोड़ा नॉयज़ और किनारों पर बिखराव देखा। कम रोशनी में ली गई तस्वीरों से हम खासा प्रभावित थे।
 

हमने ज़ेनफोन 3 लेज़र से 1080 पिक्सल पर वीडियो रिकॉर्डिंग की और इसके परिणाम भी शानदार रहे इलेक्ट्रॉनिक इमेज स्टेबिलाइज़ेशन (ईआईएस) फ़ीचर वीडियो रिकॉर्ड करते समय काम आता है और हाथ स्थिर ना होने पर भी यह बेहतर वीडियो रिकॉर्ड करता है।

फोन का फ्रंट कैमरा भी शानदार है और इससे फटाफट सेल्फी ली जा सकती है। फ्रंट कैमरा को खोलने पर ज़ेनफोन 3 लेज़र अपने आप ब्यूटिफिकेशन मोड खोल देता है। हालांकि, इसे डिसेबल किया जा सकता है। हमारा कहना है कि फोन से शानदार तस्वीरें ली जा सकती हैं।

असूस ज़ेनफोन 3 लेज़र परफॉर्मेंस
असूस ज़ेनफोन 3 लेज़र से मल्टीटास्किंग आसानी से की जा सकती है लेकिन बैकग्राउंड में कई सारे ऐप खुले होने पर फोन धीमा हो जाता है। डिस्प्ले क्वालिटी के चलते फोन में मूवी देखना अच्छा लगता है। फोन में हमें किसी तरह के गर्माहट की समस्या नहीं हुई। हालांकि, चार्जिंग, गेम खेलते समय और 1080 पिक्स्ल की वीडियो रिकॉर्डिंग के दौरान फोन थोड़ा सा गर्म हो जाता है। दूसरे मेटल डिवाइस की तरह ही ज़ेनफोन 3 लेज़र भी फिसलता है खासकर अगर हाथ में पसीना हो तब। हमारे रिव्यू के दौरान ज़ेनफोन 3 लेज़र कई बार हमारे हाथ से फिसला लेकिन अच्छी बात यह रही कि डिवाइस को कोई नुकसान नहीं हुआ।

फोन इस्तेमाल करते समय फिगंरप्रिंट सेंसर ने अधिकतर अच्छे से काम किया। स्टैंडबाय मोड में होने पर भी फिंगरप्रिंट सेमसर फोन को अनलॉक कर सकता है जो खासा सुविधाजनक है। यूएसबी टाइप-सी का ना होना इस फोन में अब अखरता है। फोन में दिए गए स्पीकर तेज हैं और साथ आने वाले ईयरफोन से भी अच्छी आवाज आती है।

असूस ज़ेनफोन 3 लेज़र से बेंचमार्क टेस्ट में ठीकठाक आंकड़े मिले।
 

इस फोन में 3000 एमएएच की नॉन रिमूवेबल बैटरी है। फोन की बैटरी हमारे वीडियो लूप टेस्ट में 12 घटे और 25 मिनट तक चली। वहीं ज़ेनफोन 3 की बैटरी 13 घंटे और 45 मिनट तक चली थी। थोड़ी देर तक कॉल करने, इंटरनेट ब्राउज़िंग, फोटोग्राफी, यूट्यूब पर वीडियो देखने व फेसबुक, ट्विटर और व्हाट्सऐप जैसे ऐप चलाने पर ज़ेनफोन 3 लेज़र एक दिन से ज्यादा तक चलता है। ज़ेनफोन 3 लेज़र दूसरे ज़ेनफोन 3 स्मार्टफोन की तरह ही फास्ट चार्जिंग सपोर्ट नहीं करता।

हमारा फैसला
असूस ने ज़ेनफोन 3 की कीमत करीब 20,000 रुपये रखी है। शाओमी रेडमी 3एस और रेडमी 3एस प्राइम (रिव्यू) में भी क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 430 प्रोसेसर दिया गया है और इनकी कीमत 10,000 रुपये से कम है। ज़ेनफोन 3 लेज़र की परफरॉर्मेंस इस कीमत वाले दूसरे स्मार्टफोन से कम है।

इस फोन को खरीदने का सलाह देना कठिन काम है। फोन की टक्कर सैमसंग गैलेक्सी जे7 प्राइम (रिव्यू) और लेनोवो ज़े2 प्लस (रिव्यू) से होती है जो कीमत के हिसाब से बुहत शानदार परफॉर्म करते हैं। ज़ेनफोन 3 लेज़र का कैमरा बहुत बेहतर है लेकिन इसकी ऊंची कीमत को वाज़िब नहीं कहा जा सकता। इस फोन में मेटल बॉडी, डीसेंट स्क्रीन और सॉफ्टवेयर एनहेंसमेंट जैसे फ़ीचर के साथ इस फोन की कीमत 15,000 रुपये या इससे कम होना बेहतर होगा।

जो लोग असूस ज़ेनफोन 3 लेज़र (ज़ेडसी551केएल) को खरीदना चाहते हैं वो फ्लिपकार्ट पर इसे खरीद सकते हैं। यह फोन पहले महीने के लिए फ्लिपकार्ट पर एक्सक्लूसिव तौर पर उपलब्ध होगा।


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